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Ram Mandir: घोटाले में लिप्त बैंककर्मी को बना दिया था चढ़ावे की रकम का गणना प्रभारी, बिना जांच रखे कर्मचारी

Mon, 13 Jul 2026 03:30 AM IST
दुष्यंत शर्मा सूरज शुक्ला, अमर उजाला, लखनऊ

सार

पता चला कि सुभाष सिंडिकेट बैंक में काम करता था। उसी दौरान गबन व घोटाले का एक मामला हुआ था। विभागीय जांच के बाद सुभाष श्रीवास्तव को बैंक से बर्खास्त कर दिया गया था।
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राम मंदिर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चढ़ावा चोरी में जेल भेजे गए आरोपी सुभाष श्रीवास्तव को लेकर एसआईटी की विस्तृत जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। सुभाष जब बैंक में था, तब उसे घोटाले के आरोप में बर्खास्त किया गया था। हालांकि बाद में वह कोर्ट से बहाली का आदेश लेकर आया था। ऐसे में सवाल उठता है कि ट्रस्ट ने बिना किसी जांच-पड़ताल के सुभाष को नौकरी पर रखा। वह भी सबसे संवेदनशील कार्य गणना का इंचार्ज बना दिया। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि ट्रस्ट ने किस कदर आंखें मूंदकर काम किया।

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मामले में अब तक कुल आठ आरोपी जेल भेजे गए हैं। इसमें गणना इंचार्ज सुभाष श्रीवास्तव भी शामिल है। गणना प्रक्रिया की देखरेख करने से लेकर नकदी आदि बैंक भिजवाने तक की जिम्मेदारी सुभाष की थी। जांच में सामने आया था कि उसकी मिलीभगत की वजह से आरोपी रकम पार करते रहे थे। वहीं, जब एसआईटी प्रकरण की विस्तृत जांच कर रही है, तो उसमें एक और चौंकाने वाला तथ्य उजागर हुआ। पता चला कि सुभाष सिंडिकेट बैंक में काम करता था। उसी दौरान गबन व घोटाले का एक मामला हुआ था। विभागीय जांच के बाद सुभाष श्रीवास्तव को बैंक से बर्खास्त कर दिया गया था। कार्रवाई के खिलाफ वह कोर्ट पहुंचा था, जहां से उसे बहाली का आदेश मिला था। बहाल होने के बाद उसने नौकरी ज्वाइन की थी। रिटायर होने के बाद वह राम मंदिर में काम करने लगा था।

प्रमुखता से जांच में शामिल किया
सूत्रों के अनुसार मंदिर में नौकरी पर लोगों को रखने की प्रक्रिया को एसआईटी ने बेहद अहम माना है। मनचाहे तरीके से तमाम कर्मचारियों को रखा गया था। इसी में सुभाष को भी रखने का मामला सामने आया है। सूत्रों का कहना है कि सुभाष ट्रस्ट के पदाधिकारियों के संपर्क में था। लिहाजा, जब वह रिटायर हुआ तो बिना जांच के उसे नौकरी पर रख लिया गया था। लोग बताते हैं, उसका दावा था कि वह सेवा करता है, इसलिए सैलरी नहीं लेता है। टिन्नू की शह पर सुभाष ही तय करता था कि गणना में किसकी ड्यूटी लगाई जाएगी। 
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धर्म सेना प्रमुख संतोष दुबे से पूछताछ
एसआईटी ने रविवार को धर्म सेना प्रमुख और हिंदूवादी नेता संतोष दुबे से पूछताछ की। सीओ सिटी कार्यालय में हुई इस कार्रवाई के दौरान एसआईटी प्रमुख डीआईजी वैभव कृष्ण ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से करीब 15 मिनट तक उनसे मामले से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी ली। इस दौरान उनसे कुछ साक्ष्य भी उपलब्ध कराने को कहा गया। एसआईटी ने उनके पूर्व में लगाए गए आरोपों और उनके पास उपलब्ध तथ्यों के संबंध में जानकारी जुटाई। पूछताछ के बाद रात करीब 9:15 बजे संतोष दुबे कार्यालय से बाहर आए। इसके बाद उन्होंने मीडिया से कहा कि जांच एजेंसी ने सामान्य तरीके से पूछताछ की है। गौरतलब है कि बाबरी विध्वंस प्रकरण के आरोपी रहे संतोष दुबे राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में शुरू से ही मुखर रहे हैं। 

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