रामलला का टेंट पिछले 27 वर्षों में अभी तक दो बार ही बदला गया है, क्योंकि हर 10 साल के अंतराल में टेंट बदलने की व्यवस्था है। पिछली बार इसे 2015 में बदला गया था। यह टेंट वॉटर और फायर प्रूफ है। इसे विशेष रासायनिक लेप के साथ रुड़की के एक संस्थान ने तैयार किया था। इस पर 12 लाख रुपये का खर्च आया था।
सिर्फ रामनवमी पर बनते हैं कपड़े
प्रधान पुजारी के मुताबिक रामनवमी पर हर साल रामलला के लिए जाड़े और गर्मी के मौसम के अनुसार 7-7 सेटों में ड्रेस तैयार करवाई जाती है। इन्हीं को साल भर बदल कर पहनाया जाता है। रोजाना ड्रेस की धुलाई भी नहीं की जाती है। कभी गंदी दिखने पर पुजारी लोग ही परिसर में धुल लेते हैं।
रामनवमी में 9 दिनों तक पूजा अर्चना भोग आदि के लिए 52 हजार रुपये का फंड अतिरिक्त मिलता है, जिसमें 3600 रुपये तो सात सेट ड्रेस की सिलवाई पर खर्च होते हैं। इसी में ही राम जन्मोत्सव के लिए भी व्यवस्था करनी पड़ती है। रामलला की ड्रेस बनाने की जिम्मेदारी मास्टर शंकर लाल श्रीवास्तव के पास है।
विवादित श्रीरामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद के परिसर में सुरक्षा पर अब तक अरबों रुपये खर्च किए जा चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक परिसर की डबल पाइप बैरीकेटिंग और तार लगाने पर ही करीब चार करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
30 लाख रुपये से निगरानी टावर व सुरक्षाकर्मियों के लिए बैरक बनवाई गई हैं। परिसर में बिजली की आपूर्ति के लिए करीब 20 लाख रुपये से पांच जनरेटर खरीदे गए हैं। करीब तीन लाख रुपये प्रतिमाह बिजली का बिल आता है।
सूत्रों ने बताया कि परिसर की सफाई आदि पर ही 1992 से अब तक एक करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। सूत्रों के मुताबिक रामजन्मभूमि बाबरी मस्जिद में आतंकी हमले के बाद से सुरक्षा के लिए करीब दो करोड़ रुपये की लागत से परिसर तथा उसके आसपास चारों तरफ सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
सूत्रों ने बताया कि परिसर की सुरक्षा के लिए बनी स्थायी समिति की बैठकों पर भी अच्छा-खासा व्यय आता है क्योंकि उस समिति में दिल्ली और लखनऊ से कई वरिष्ठ अधिकारी भाग लेने आते हैं।
मंडलायुक्त/रिसीवर मनोज मिश्र का कहना है कि रामलला की सालाना चढ़ावा राशि फिक्स नहीं है केवल मंदिर की पूजा, भोग, ड्रेस पुजारियों के पारिश्रमिक आदि पर ही एक लाख खर्च हो रहे हैं।
व्यवस्था की समीक्षा करने के लिए कमेटी बनी है जो समय-समय पर समीक्षा कर खर्च में बढ़ोतरी करती है। इस बार भी प्रधान पुजारी की मांग पर लगभग 8800 की वृद्धि रामलला के खर्च में की गई है। मासिक आय-व्यय की रिपोर्ट न्यायालय को सौंपी जाती है।