सपा के संग्राम में अब रामगोपाल यादव के बेटे अक्षय यादव ने चिट्ठी बम फोड़ा है। इस चिट्ठी में उन्होंने शिवपाल यादव पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने लिखा-शिवपाल कभी नहीं चाहते थे कि अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बनें।
उन्होंने 2012 में भरपूर कोशिश की कि अखिलेश मुख्यमंत्री न बन सकें। क्योंकि उनकी खुद मुख्यमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा थी। जब केंद्रीय बोर्ड की बैठक हुई और उसमें अखिलेश को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप बुलाया गया तो उस समय भी उन्होंने इसका विरोध किया था।
अक्षय यादव ने अपने पत्र में लिखा है- जब अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाए जाने की बात हुई तो शिवपाल ने नेताजी से अंदर अलग से बात करने के लिए कहा। लेकिन नेताजी ने उस समय मेरे पिता व अखिलेश यादव को भी बुला लिया।
इसमें उन्होंने कहा कि अगर अखिलेश मुख्यमंत्री होंगे तो मैं मंत्री पद की शपथ नहीं लूंगा। इस पर मेरे पिता ने विरोध किया था। उसी दिन से शिवपाल मेरे पिता व अखिलेश से नाराज रहने लगे। क्योंकि मेरे पिता उनकी महत्वाकांक्षा के बीच आ गए थे।
'शिवपाल मेरे पिता व अखिलेश को बर्बाद करना चाहते हैं'
राम गोपाल यादव
रामगोपाल यादव को बर्खास्त किए जाने पर अक्षय ने लिखा- जिस तरह से मेरे पिता को निकाला गया उससे मैं बेहद आहत हूं। मेरे पिता, मुझ पर व मेरी पत्नी पर जो आरोप लगाए गए, वे पूरी तरह गलत हैं। अक्षय ने आगे लिखा कि शिवपाल मुझे, मेरे पिता व अखिलेश को बर्बाद करने की साजिश में शुरू से लगे रहे। इसी के तहत साजिशों का दौर शुरू हो गया है।
मुझे हरवाने की भी की कोशिश
अक्षय ने पत्र में कहा कि उन्हें चुनाव में भी हराने की कोशिश की गई। इसके मेरे पास साक्ष्य भी हैं। फीरोजाबाद से मैं चुनाव जीता लेकिन मेरे क्षेत्र में कभी पीडब्ल्यूडी व शिवपाल जी के दूसरे विभागों से कोई काम नहीं कराया गया। तब मजबूरी में मेरे पिता ने नेताजी को पत्र लिखा और बात की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने आकर खुद घोषणा की। इसके बाद काम चालू हुए।
भाजपा के साथ रिश्ते को लेकर शिवपाल को घेरा
शिवपाल यादव
- फोटो : amar ujala
अक्षय ने पत्र में यह भी लिखा-मेरे पिता पर आरोप लगाया है कि वे बीजेपी के नेताओं से मिले तो क्या यह सत्य नहीं है कि शिवपाल जी जुलाई में एक भाजपा सांसद के साथ भाजपा के एक बहुत बड़े नेता से मिलने पहुंचे थे।
भाजपा सांसद सुभाष चंद्रा का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा कि क्या उनके पुत्र का रिसेप्शन अमर सिंह व बीजेपी के एक सांसद द्वारा नहीं किया गया?
क्या जब एक सांसद बीजेपी का जीता तो उसकी जीत की पार्टी में आप शामिल नहीं हुए? इन्हीं सब जगह यह तय हुआ कि किसी तरह समाजवादी पार्टी की सरकार न बनने पाए। शिवपाल यदि थोड़ी बहुत सीटें भी जीत लें तो उन्हें ही मुख्यमंत्री बना देंगे।
साढ़े चार साल से अखिलेश को दबाने की कोशिश...
अक्षय ने लिखा है-अखिलेश यादव मेरे आदर्श हैं, मैं उनकी बहुत इज्जत करता हूं। वह एक ऐसे नेता के रूप में उभरे हैं जिन्हें पिछले साढ़े चार साल से दबाने की कोशिश की गई। अपनी मर्जी से काम करने नहीं दिया गया। मानसिक रूप से परेशान किया गया। लेकिन उन्होंने किसी की भी परवाह किए बगैर सरकार को अच्छे से चलाया व प्रदेश का नाम रोशन किया।
मुख्यमंत्री का सामान घर से फिकवाकर लगावाया ताला
अक्षय ने यहां तक कहा कि अभी हाल में अखिलेश यादव के साथ काफी बुरा व्यवहार किया गया। यह उस समय की बात है जब वे अपने नए मकान में शिफ्ट हुए तो उनका कुछ सामान पुराने मकान में रखा रह गया। वह सामान कमरे से फिकवाकर उसमें ताला लगवा दिया गया और वे लोग ताला डालकर विदेश चले गए।
अंत में अक्षय ने अपने पत्र में लिखा कि मेरा किसी को आहत पहुंचाने का मन नहीं था लेकिन मेरे पिता के साथ अन्याय हुआ, जिसका मैं विरोध करता हूं। मेरा लक्ष्य यही है कि अखिलेश ही दोबारा मुख्यमंत्री बनें।