रामनगरी में श्रद्धालुओं का रेला लगातार जारी है। रविवार को भी सात लाख से अधिक श्रद्धालु रामनगरी पहुंचे। उमड़े श्रद्धालुओं ने पावन सलिला सरयू में डुबकी लगाकर रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई। श्रद्धालुओं के वाहनों को अयोध्या धाम की सीमा पर ही रोक दिया जा रहा है जिससे वे अंदर बने पार्किंग स्थलों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। इस कारण हनुमान गुफा, पंचकोसी परिक्रमा मार्ग, चक्रतीर्थ के आस-पास सड़कों पर ही रोजाना 10 हजार से अधिक वाहन खड़े किए जा रहे हैं।
वीकेंड पर रविवार को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। वहीं भीड़ नियंत्रण के लिए प्रशासन की ओर से लागू किया गया नया यातायात प्लान ही श्रद्धालुओं को परेशान कर रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी अयोध्या वासियों को हो रही है। रविवार को टेढ़ी बाजार से श्रद्धालुओं को कटरा तिराहे से राजघाट की ओर मोड़ दिया गया। वहां से श्रद्धालु बंधा तिराहा तक पहुंचे। फिर सरयू स्नान करने के बाद राम मंदिर व हनुमानगढ़ी पहुंचने में उन्हें लंबा पैदल चलना पड़ा। सरयू स्नान से लेकर दर्शन-पूजन करने में छह से आठ घंटे लग जा रहे हैं। अयोध्या धाम आने वाले श्रद्धालुओं को 10 से 15 किमी. तक पैदल चलना पड़ रहा है।
अयोध्या धाम की सीमा के बाहर पार्किंग न होने से वाहन स्वामियों को परेशानी हो रही है। वाहन स्वामी जहां-तहां सड़कों पर वाहन खड़े कर रहे हैं। कुछ लोग अवैध तरह से पार्किंग का संचालन कर रहे हैं। ये श्रद्धालुओं से वाहन की पार्किंग करने पर मनमाना किराया भी वसूल रहे हैं। पंचकोसी परिक्रमा मार्ग के एक बड़े हिस्से में दोनों तरफ वाहनों की कतार दिन-रात लगी नजर आती है। चक्रतीर्थ के पास खाली मैदान में गाड़ियों को रोका जा रहा है। हनुमान गुफा के पास सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की पार्किंग की जा रही है। श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते पंचकोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण का काम भी प्रभावित हो रहा है।
अयोध्यावासी बेहाल, व्यापारी बोले- कमाई आधा हो गई
व्यापारी नंद कुमार गुप्ता का कहना है कि वीआईपी अपने वाहन से हर जगह पहुंच जा रहे हैं लेकिन आम लोग अपने घर-दुकान तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। बंदिशों के इस दौरान व्यापारियों की कमाई आधा हो गई है। व्यापारियों का स्टॉक खत्म हो गया है, लेकिन बंदिशों के चलते वे सामान ला नहीं पा रहे हैं। जिससे कई जरूरत की चीजें लोगों को नहीं मिल पा रही हैं।
व्यापारी संतोष गुप्ता का कहना है कि रामपथ पर एक छोर से दूसरे छोर तक लोग नहीं जा पा रहे हैं। प्रशासन से अपील है कि जब तक रामपथ नहीं खोला जा रहा है, तब तक रामपथ के पूरब-पश्चिम दोनों तरफ एक अस्थायी हॉस्पिटल, सब्जी मंडी आदि की व्यवस्था ही प्रशासन करवा दें, क्योंकि लोग बीमार हो जाएं तो अस्पताल पहुंचना टेढ़ी खीर है।
व्यापारी नंदलाल गुप्ता का कहना है कि भीड़ नियंत्रण की नई व्यवस्था जल्दबाजी में बनाई गई है। ऐसी व्यवस्था बनाने से पहले व्यापारियों, संत-धर्माचार्यों के साथ समन्वय बैठक की जानी चाहिए। रामपथ को इस तरह से बंद किए जाने से कर्फ्यू जैसे हालात बन गए हैं। लोग अपने घर आने जाने को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। यह व्यवस्था कतई जनहित में नहीं है।