राजधानी के विकास के लिए केंद्रीय गृहमंत्री और सांसद राजनाथ सिंह ने जिस कमेटी का गठन किया है, उसके संयोजक पूर्व आईएएस अधिकारी दिवाकर त्रिपाठी ने प्रथम चरण पांच बिंदुओं का प्रस्ताव शहर के विकास के लिए रखा है।
राजनाथ सिंह ने 15 अगस्त तक राजधानी के विकास का नया मॉडल बनाने के लिए रूपरेखा बनाने को कहा है।
इसको लेकर त्रिपाठी ने शनिवार को राजनाथ सिंह से मुलाकात की। जहां उन्होंने अपना पांच सूत्रीय प्रस्ताव सांसद को सौंपा। राजनाथ मंत्री बनने के बाद पहली बार शनिवार को शहर आए।
एजेंडा 1- प्रदूषण मुक्त गोमती
गोमती को प्रदूषण से बचाने के लिए प्रवाहित होने वाले कचरे को लेकर दोबारा सर्वे करवाया जाएगा।
दरअसल अनेक परियोजनाओं के बावजूद कई बड़े नाले सीधे गोमती में मिल रहे हैं। इससे गोमती प्रदूषित होती जा रही है।
इसके लिए केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय के सहयोग से स्कीम लाई जा सकती है।
ये स्कीम गोमती को प्रदूषण मुक्त करेगी। इसके लिए गोमती में प्रवाहित होने वाले कचरे का नए सिरे से सर्वे करवाया जाएगा।
एजेंडा 2- रेलवे टर्मिनल प्रोजेक्ट
गोमती नगर रेलवे टर्मिनल एक ऐसा प्रोजेक्ट है, जिसको केंद्र सरकार तत्काल अमली जामा पहना सकती है।
इसके लिए 2.50 करोड़ रुपये रेलवे पास कर रहा है। इसमें यार्ड का निर्माण किया जा सकेगा।
इसके बाद ट्रेनें यहां अधिक संख्या में ठहराई जा सकेंगी, फिर आगे का काम हो जाएगा। इस संबंध में राजनाथ रेलमंत्री को पत्र लिखेंगे।
एजेंडा 3- आउटर बाइपास
आउटर बाइपास बनाने का काम भी केंद्र सरकार बहुत आसानी से शुरू करवा सकती है।
यह बाइपास बख्शी का तालाब हाइवे को कानपुर रोड हाइवे से जोड़ेगा। इसके लिए सांसद केंद्रीय सड़क परिवहन विभाग से संपर्क साधेंगे। जिससे ये काम हो सकेगा।
मंत्री बनने के बाद पहली बार लखनऊ आए राजनाथ सिंह ने कहा कि लखनऊ के विकास का खाका महज 100 दिन में ही तैयार कर लिया जाएगा।
एजेंडा 4- कॉलोनियों का विकास
कानपुर रोड कॉलोनी और उसके आसपास की नवविकसित कॉलोनियों में जलापूर्ति, ड्रेनेज और सीवरेज सिस्टम में गड़बड़ियां बढ़ती ही जा रही है।
इससे निपटने के लिए एक नए प्लान की जरूरत होगी। जिसके लिए लिए केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय को पत्र लिखा जाएगा।
एजेंडा 5- आउटर बाइपास
गोमती नगर क्षेत्र के लिए वाटर सप्लाई की अलग से स्कीम की जरूरत है। इसके लिए क्या-क्या विकल्प हो सकते हैं, इस पर केंद्र सरकार की मदद से काम किया जाना संभव है।
नगरीय विकास की जो नई स्कीम केंद्र सरकार लाएगी, उसमें गोमती नगर की जलापूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सकता है।
आगे भी बनेंगे और प्लान
ये गृहमंत्री के साथ पहली बैठक है। मैंने ऐसे पांच बिंदु उनके सामने रखे हैं, जिनको सबसे पहले जमीन पर उतारा जा सकता है।
सीधे केंद्र की मदद से ये परियोजनाएं चल सकती हैं। आगे हम लगातार नए बिंदुओं को प्लान में शामिल करेंगे। जिसमें पुराना लखनऊ और राजधानी का सौंदर्यीकरण भी शामिल होगा।
दिवाकर त्रिपाठी, पूर्व उपाध्यक्ष, लविप्रा