केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि असम के नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन (एनआरसी) राजनीति का नहीं, बल्कि राष्ट्रहित का मुद्दा है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों को वोटबैंक के लिए देश हित से जुड़े इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। गृहमंत्री शनिवार को गन्ना संस्थान में पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि असम में एनआरसी का ये अंतिम रजिस्टर नहीं है, बल्कि एक ड्राफ्ट है।
असम की जनता के पास अपना दावा और आपत्तियां पेश करने के लिए पर्याप्त समय है। केंद्र सरकार ने असम की जनता की मांग पर वहां एनआरसी लागू किया है। इस मुद्दे पर कुछ विपक्षी दल विवाद और डर फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन असम की जनता को भयभीत होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि आपत्तियां और दावे निस्तारित करने का काम 30 अगस्त से शुरू होगा और एक माह तक चलेगा। एनआरसी के अधिकारी चाहेंगे तो समयावधि 30 अक्तूबर तक बढ़ाई जा सकती है। अगर असम के लोग फिर भी संतुष्ट नहीं होते हैं तो वे विदेशी न्यायाधिकरण में अपील कर सकते हैं।
प्रदेश के विधि एवं न्याय मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि गृहमंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह के प्रयासों से लखनऊ आने वाले दिनों में विकास की दृष्टि से देश के चुनिंदा शहरों में होगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधा का लाभ दिलाने के लिए आर्यावर्त बैंक की शुरुआत की गई थी। आज प्रदेश के 15 जिलों में बैंक की 705 शाखाएं हैं। बैंक 1.25 लाख किसानों को सस्ता ऋण और सुविधाएं देकर उनकी आय बढ़ाने के प्रयास करेगा। इस अवसर पर आर्यावर्त बैंक के अध्यक्ष एसबी सिंह और नाबार्ड के महाप्रबंधक एके सिंह मौजूद थे।