केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने राज्य सरकार को चुनौती दी है कि उसके पास बिसाहड़ा मामले में अगर उनके परिवार के किसी व्यक्ति के दोषी होने की जानकारी है तो वह जांच कराए और दोषी का सजा दे।
उन्होंने मथुरा घटना में नक्सलियों की भूमिका होने के कारण सपा द्वारा त्यागपत्र देने की मांग पर यह कहते हुए टिप्पणी से इन्कार कर दिया कि उन्होंने अभी राज्य सरकार की रिपोर्ट देखी नहीं है।
वे गुरुवार को इंदिरानगर के सेक्टर 14 स्थित रानी लक्ष्मीबाई स्कूल में भाजपा के जनसंवाद कार्यक्रम के बाद पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे।
बता दें सपा नेता व पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी ने बीते दिनों आरोप लगाया था कि बिसाहड़ा में महापंचायत कर स्थिति बिगाड़ने व शांति व्यवस्था ध्वस्त करने की साजिश में राजनाथ सिंह के परिवार के लोग शामिल हैं। सपा नेताओं का इशारा गृहमंत्री के बेटे की तरफ था।
सपा नेताओं ने उठाई थी इस्तीफा देने की बात
सपा नेताओं ने यह सवाल भी उठाया था कि इस मामले में गृहमंत्री ने जिम्मेदारी नहीं निभाई, क्या वह इस्तीफा देंगे? राजनाथ ने कहा कि राज्य सरकार के पास अगर तथ्य हैं तो वह जांच कराए और दोषी को सजा दे।
दिल्ली लौटकर राज्य सरकार की रिपोर्ट देखूंगा
मथुरा के जवाहरबाग की घटना पर सपा के आरोपों और इस्तीफे की मांग पर राजनाथ ने कहा कि राज्य सरकार की रिपोर्ट उन्होंने देखी नहीं है। लखनऊ से दिल्ली लौटकर वे उसका अध्ययन करेंगे। तब ही कोई टिप्पणी करेंगे।
सपा के इस आरोप पर कि जवाहरबाग में पड़ोसी राज्यों में सक्रिय नक्सलियों का आना केंद्रीय गृहमंत्री की विफलता है? गृहमंत्री ने कहा कि उन्हें जितना कहना था वह कह दिया। उससे ज्यादा कुछ नहीं बोलेंगे।
गौरतलब है कि सपा नेताओं ने आरोप लगाया था कि मथुरा में नक्सलियों के पहुंचने की सूचना केंद्र सरकार को रही होगी। गृहमंत्री को बताना चाहिए कि उन्होंने इसकी सूचना राज्य सरकार को क्यों नहीं दी। इसी बात को लेकर सपा नेताओं ने गृहमंत्री से त्यागपत्र मांगा था।
'राज्य के विषयों को गंभीरता से लेती है सरकार'
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इस सवाल पर कि राज्य सरकार का आरोप है कि केंद्र उसकी मदद नहीं करता, गृहमंत्री ने कहा कि यह सही नहीं है। केंद्र सरकार राज्य सरकार द्वारा उठाए गए विषयों को गंभीरता से लेती है। विकास कार्यों में पूरा सहयोग करती है।
भाजपा सांसद कौशल किशोर द्वारा केंद्रीय योजनाओं में प्रदेश सरकार की अड़ंगेबाजी के आरोप पर राजनाथ बोले कि राज्य सरकार को भी सहयोगात्मक रुख रखना चाहिए।
उसे केंद्र सरकार की विकास योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने में सहयोग करना चाहिए।