केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह
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लखनऊ में रविवार को एनआईए के नवनिर्मित कार्यालय और आवासीय भवन का उद्घाटन करने के मौके पर केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद कश्मीर में पत्थरबाजी की घटना में कमी आई है। पत्थरबाजों को फंडिंग करने वाले एनआईए का नाम सुनकर घबराने लगे हैं। आतंकवाद हो, उग्रवाद हो या नक्सलवाद, इन पर विजय पाने के लिए हम तैयार हैं।
राजनाथ ने कहा कि नॉर्थ-ईस्ट लंबे समय तक उग्रवाद की समस्या से जूझ रहा था, लेकिन पिछले तीन साल में उग्रवाद की घटनाओं में 75 प्रतिशत और नक्सलवाद में 40 प्रतिशत की कर्मी आई है।
राजनाथ सिंह ने कहा, आतंकवाद, उग्रवाद और नक्सलवाद को बढ़ावा देने के लिए फेक करेंसी का भी इस्तेमाल समय-समय पर होता रहा है। टेरर फंडिंग इसका बड़ा उदाहरण है। टेरर फंडिंग का सोर्स ही खत्म कर दिया जाए तो आतंकवाद पर काबू पाया जा सकता है। इसके लिए एनआईए प्रभावी तरीके से काम कर रही है।
राजनाथ ने एनआईए को सबसे भरोसेमंद एजेंसी बताते हुए कहा कि यह देश भर में आतंकवाद और नक्सलवाद से संबंधित 165 मामलों की जांच कर रही है। इनमें से 95 फीसदी मामलों को इसने सुलझाया है। इनमें से 24 मामले यूपी के हैं।