प्रदेश भाजपा के भीतर क्या-क्या चल रहा है, इसका खुलासा बुधवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह के लखनऊ आगमन के दौरान भी हो गया।
राजनाथ के पार्टी मुख्यालय से लौटने के कुछ ही देर बाद पार्टी के दो नेता आपस में भिड़ गए। भिड़े भी तो ऐसे कि एक नेता के खून तक बह गया।
विधि प्रकोष्ठ के संयोजक गोपाल कृष्ण पाठक व भाजपा खेलकूद प्रकोष्ठ के पूर्व संयोजक नीरज सक्सेना के बीच कहासुनी के बाद मारपीट हो गई।
दोनों को लगी चोट, रिपोर्ट दर्ज
इसमें दोनों को चोटें आई हैं। पाठक की तरफ से हजरतगंज कोतवाली में इस मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि दोनों लोगों के बीच किसी निजी बात को लेकर विवाद हुआ है।
उन्होंने बृहस्पतिवार को दोनों को तलब किया है। दोनों पक्षों की बात सुनकर कार्रवाई का फैसला करेंगे।
गाली देने पर बढ़ी लड़ाई
बकौल नीरज सक्सेना, उनके क्षेत्र में एक अवैध निर्माण को रोकने के लिए कुछ लोगों ने गोपाल कृष्ण पाठक को याचिका दायर करने और न्यायालय में उसकी पैरवी के लिए पैसे व फाइल दी थी।
पर, उसमें कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी को लेकर वह दो-तीन दिनों से पाठक से बातचीत कर रहे थे।
नीरज ने कहा, बुधवार को पता नहीं क्यों, जैसे ही पाठक ने मुझे देखा तो गाली देने लगे। रोका तो गला पकड़ लिया। मैंने धक्का दिया तो वह गिर गए और चोट लग गई।
पुलिस कर रही छानबीन
गोपाल कृष्ण पाठक के मोबाइल पर फोन करके उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई, पर उनका फोन नहीं उठा।
पुलिस इंस्पेक्टर अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है।
गोपाल कृष्ण पाठक ने नीरज सक्सेना के खिलाफ प्रार्थनापत्र दिया था। पाठक का कहना है कि नीरज ने उनके साथ मारपीट, गाली-गलौज और अभद्रता की।
हालांकि, इस मामले पर राजनाथ सिंह की ओर से काई टिप्पणी अब तक नहीं आई है।