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मुख्य सचिव राजेंद्र तिवारी बोले- प्रदेशवासियों का जीवन तनाव-दुश्वारियों से मुक्त, आनंददायक बनाएंगे

Sun, 16 Feb 2020 05:08 AM IST
अवधेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो/ महेंद्र तिवारी, लखनऊ
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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प्रदेश के मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी का कहना है कि जिस तरह ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ से कारोबार सहज बनाया गया है, उसी तरह ‘ईज ऑफ लिविंग’ से लोगों का जीवन सहज बनाया जाएगा। प्रदेश की 23 करोड़ जनता के मन से तनाव समाप्त हो, दुश्वारियों से जीवन मुक्त हो और रहना आनंददायक हो, इसके लिए रणनीति बनाकर काम किया जाएगा। प्रयास है कि प्रदेश में कोई भी व्यक्ति आवास विहीन न हो। सभी के लिए शुद्ध पानी, शौचालय, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व आय के साधन हों। उम्मीद है ये ‘पंच प्रयास’ लोगों का जीवन स्तर बदलने में सफल होंगे। 
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1985 बैच के आईएएस अधिकारी राजेंद्र कुमार तिवारी पिछले साढ़े पांच महीने से कार्यवाहक मुख्य सचिव का कामकाज देख रहे थे। शुक्रवार को नियमित मुख्य सचिव नियुक्त किए जाने के बाद शनिवार को उन्होंने लोकभवन स्थित अपने कार्यालय में ‘अमर उजाला’ से विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि ‘ईज ऑफ लिविंग’ के लिए लोगों को जिस भी स्तर पर कठिनाई हो रही है, उसकी पहचान करेंगे। 

यदि सरकार से सेवा लेने में कोई कठिनाई है तो उसे दूर कर सहज बनाया जाएगा। सुनिश्चित किया जाएगा कि आम लोगों के रोजमर्रा के कामों में कोई असुविधा न हो। स्कूल में दाखिला आसानी से मिले, अस्पताल में इलाज के लिए भटकना न पड़े, सरकारी कार्यालयों में काम तय समय व बिना परेशानी के हो। इसके लिए यदि नियमों में बदलाव, एक्ट में संशोधन की जरूरत होगी, तो वह भी किया जाएगा। इस संबंध में विभिन्न स्तर से सुझाव मांगे गए हैं। पेश हैं बातचीत के प्रमुख अंश : 
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सवाल : साढ़े पांच महीने कार्यवाहक मुख्य सचिव के बाद नियमित मुख्य सचिव बनने पर क्या कहना है?
जवाब : मुझे जब भी जो जिम्मेदारी दी गई, उसे पूरी कर्तव्यनिष्ठा से निभाने का प्रयास किया। कार्यवाहक व नियमित पोस्टिंग से काम के तरीके में कोई फर्क नहीं पड़ता। जैसे पहले काम कर रहा था, वैसे आगे भी पूरी ताकत से किया जाएगा।

सवाल: आगे क्या प्राथमिकताएं होंगी? 
जवाब : सरकार की जो प्राथमिकताएं हैं, उन्हें पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और समय से क्रियान्वित कराना। एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्ट सहित बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर वाली परियोजनाओं के समय से क्रियान्वयन के लिए प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप बनाया गया है। हर मंगलवार को इसकी समीक्षा कर रहे हैं। इन्फ्रा प्रोजेक्ट के लिए रिकॉर्ड समय में भूमि अधिग्रहण व टेंडर हुए हैं। सभी प्रोजेक्ट तय टाइमलाइन पर आगे बढ़ रहे हैं। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे नवंबर अंत तक आम लोगों के लिए खुल जाएगा। 

सवाल: छुट्टा गोवंश अब भी किसानों के लिए बड़ी समस्या बने हुए हैं। इसके स्थायी समाधान के लिए और क्या करेंगे?
जवाब : सरकार ने 5000 गोसंरक्षण केंद्र बनाए हैं। इनकी क्षमता 6 लाख से अधिक गोवंश रखने की है। कोई निराश्रित गोवंश पालने के लिए ले जाता है तो 900 रुपये प्रतिमाह देते हैं। अब तक एक लाख गोवंश इस तरह दिए जा चुके हैं। मनरेगा से गोसंरक्षण केंद्रों के संचालन में सहयोग का प्रस्ताव केंद्र को भेजा है। प्रत्येक पशु की ईयर टैगिंग अनिवार्य की जा रही है। इससे छुट्टा जानवर किसके हैं, यह पता लग सकेगा। टैगिंग के बाद छुट्टा जानवर छोड़ने वालों पर कार्रवाई भी की जा सकेगी।  

सवाल : किसानों के लिए खेती की लागत में वृद्धि बड़ी चुनौती बनी हुई है? इस समस्या का समाधान कैसे करेंगे?
जवाब : किसानों की मदद के लिए सरकार ने कई नए काम हाथ में लिए हैं। केंद्र सरकार ने पानी की कमी से जूझ रहे जिलों में जल संरक्षण, वितरण व जल उपयोग की क्षमता बढ़ाने की योजना शुरू की है। प्रदेश में योजना का पूरा लाभ लिया जाएगा। इसी तरह केंद्र ने ‘कुसुम’ योजना के अंतर्गत ट्यूबवेल के सौर ऊर्जीकरण का एलान किया है। अब तक  सौर ऊर्जा से जुड़े ट्यूबवेल के 20 गुना ट्यूबवेल इस वर्ष जुड़ेंगे। गंगा नदी के किनारे जीरो बजट की प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की योजना शुरू की जा रही है। औद्यानिक  फसलों के लिए कोल्ड स्टोर, कोल्डचेन बनाने, मार्केटिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास, सरकार व पीपीपी की सहभागिता से मिल्क प्रोसेसिंग क्षमता दोगुनी करने के साथ अनाज भंडारण क्षमता में भारी वृद्धि की जाएगी। इसका लाभ किसानों को मिलेगा। जल जीवन मिशन व ओडीएफ प्लस ग्रामीण जीवन को बदल देगा।

सवाल : कर्मचारियों में सरकार के कामकाज को लेकर बड़ी नाराजगी है। उनका आरोप है कि समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा। इसके लिए क्या करेंगे?
जवाब : कर्मचारी संगठनों के साथ मैंने 15 दिन पहले ही बड़ी बैठक की है। उनकी समस्याएं सुनी हैं। कई समस्याएं सेवा संबंधी सुविधाएं समय से न मिलने को लेकर हैं। कुछ नीतिगत समस्याएं भी हैं। सरकार कर्मचारी हितों के लिए पूरी तरह जागरूक व संवेदनशील है। हम सुनिश्चित करेंगे कि कर्मचारियों को सेवा संबंधी सुविधाएं बिना परेशानी के समय से मिलें। जहां तक नीति विषयक मामले हैं तो सरकारी कर्मचारियों का हित पूरी तरह संरक्षित किया जाएगा।
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