जेल से छूटने के बाद सिपाही अखिलेश सीधे लखनऊ आए। उन्होंने अपने कमांडेंट से मुलाकात की, लेकिन उन्हें जॉइनिंग नहीं कराई गई। इसके बाद वह पुलिस महानिरीक्षक से भी मिले, पर वहां से भी जॉइनिंग नहीं मिली। अखिलेश अब अपनी जॉइनिंग के लिए इधर-उधर चक्कर लगा रहे हैं। उनके पास हाईकोर्ट के आदेश सहित सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध हैं।
डीआईजी पीएसी सुनीता सिंह का कहना है कि सिपाही मेरे पास नहीं आया। मुझे इसके बारे में जानकारी भी नहीं है। वैसे भी जॉइनिंग कमांडेंट स्तर से ही होगी।