खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने राजस्थानी पैरासिटामाल सिरप मरीजों को देने पर फिलहाल रोक लगा दी है। सिरप की गुणवत्ता की जांच रिपोर्ट आने के बाद इस पर कोई फैसला होगा।
इस सिरप की 1800 बोतलें सीएमओ के स्टोर में मिली थी। यूपी में राजस्थान की पैरासिटामाल सिरप की आपूर्ति करने वाली कंपनी को महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य ने नोटिस जारी की है।
कंपनी के अधिकारियों से पूछा गया है, दूसरे राज्य की दवाएं यूपी के अस्पतालों को कैसे आपूर्ति की गई।
बच्चों को बुखार में दी जाने वाली पैरासिटामाल सिरप की आपूर्ति में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने खेल कर दिया। लखनऊ में राजस्थान और रायबरेली में बिहार की पैरासिटामाल सिरप कंपनी से ले ली।
जब इसका खुलासा तो स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। एफएसडीए ने भी इसमें तेजी दिखाते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी लखनऊ के रेडक्रॉस स्थित ड्रग स्टोर में छापा मारकर लगभग सिरप का नमूना लिया।
साथ ही 1,800 बोतल सिरप को सीलकर दिया। ये सभी राजस्थान की कंपनी की दवा है। रायबरेली में बिहार की 4600 बोतल पैरासिटामॉल पकड़ी गई।
एफएसडीए के अधिकारियों का कहना है कि यदि दवा अधोमानक पाई गई तो कंपनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि सिरप पर एक्सपायरी डेट 2019 लिखी हुई है।