कुंडा से निर्दल विधायक और पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह राजाभैया ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में सपा को जिताना और बसपा को हराना उनका लक्ष्य था। जिसमें वह सफल हुए। सपा जीत गई और बसपा हार गई। वोटिंग के तुरंत बाद सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात को लेकर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से उनके करीबी रिश्ते हैं, जिसके चलते वह मिलने गए थे।
राजाभैया ने शुक्रवार को राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान के दौरान एक ट्वीट किया था। जिसमें उन्होंने कहा था, ना मैं बदला हूं न मेरी राजनीतिक विचारधारा बदली है, मैं अखिलेश जी के साथ हूं, का ये अर्थ नहीं कि मैं बसपा के साथ हूं।
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इस ट्वीट के बाद राजाभैया के भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं। हालांकि राजाभैया अंत तक सपा को वोट देने की बात दोहराते रहे। सस्पेंस तब और गहरा गया जब वोट डालने के तुरंत बाद वह मुख्यमंत्री से मिलने चले गए।
शनिवार को अमर उजाला से हुई बातचीत में राजा भैया ने कहा कि मुख्यमंत्री से पारिवारिक संबंध हैं। इसके चलते वह मिलने गए थे। राज्यसभा में उनका और उनके करीब विधायक विनोज सरोज का मत किसे गया? इस सवाल के जवाब में उन्होंने साफ तौर पर कुछ भी नहीं बताया। उन्होंने कहा कि सपा की जीत और बसपा की हार उनका लक्ष्य था।