इंदिरा गांधी व राज नारायण।
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जिले में एक हजार पुरुषों पर महिलाओं की संख्या बढ़कर 946 हो गई है, लेकिन मतदाता सूची में प्रति हजार पुरुषों पर 916 महिलाओं के नाम ही दर्ज हैं। एपिक रेशियो भी वर्ष 2022 के चुनाव की तुलना में 1.42 प्रतिशत बढ़ा, लेकिन महिलाओं वोटरों में बड़ा इजाफा नहीं हुआ। 2022 में एपिक रेशियो 59.66 था। इस साल यह बढ़कर 61.08 हो गया है। लोकतंत्र के महापर्व में कहीं न कहीं महिलाओं के वोटर बनने में अब भी सुस्ती है। तमाम प्रयासों के बाद भी एक हजार पुरुषों पर 30 महिलाएं मतदाता बनने से अब भी वंचित हैं। लोकतंत्र के महापर्व में महिला और पुरुष वोटरों को लेकर अंतर कहीं न कहीं जागरूकता में कमी को दर्शा रहा है। जनसंख्या के हिसाब से वोटर बनने में इजाफा तो हुआ है, लेकिन महिलाओं को वोटर बनाने की प्रगति में ज्यादा सुधार देखने को नहीं मिला।