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रायबरेली लोकसभा: 72 साल में 37 साल महिलाएं रही हैं यहां से सांसद, आखिरी के बीस साल लगातार सोनिया गांधी

Sun, 21 Apr 2024 08:57 AM IST
रोहित मिश्र मनोज ओझा, अमर उजाला, रायबरेली

सार

Rairabeli Lok Sabha:रायबरेली लोकसभा क्षेत्र में महिलाओं का प्रतिनिधित्व पुरुषों से ज्यादा है। 72 सालों के चुनावी इतिहास में महिलाएं 37 तो पुरुष 35 साल वहां से सांसद रहे हैं। 
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सोनिया गांधी सबसे ज्यादा समय तक रही हैं सांसद। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजनीति के सुनहरे पन्नों में रायबरेली के नाम कई रिकॉर्ड दर्ज हैं। महिला सशक्तीकरण में भी इसका अपना अलग ही अंदाज है। महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण से इतर केंद्र सरकार में रायबरेली संसदीय सीट से सांसद बनी महिलाओं ने फिफ्टी-फिफ्टी का प्रतिनिधित्व किया। यहां से सांसद बनकर इंदिरा गांधी ने देश के प्रधानमंत्री की कुर्सी संभाली तो जग जाहिर है कि सोनिया गांधी ने सुपर पीएम के रूप में काम किया। पिछले 72 साल में महिला सांसदों ने 37 साल तक संसद में रायबरेली की प्रतिनिधित्व किया, जबकि पुरुष सांसदों को 35 साल ही जिले के प्रतिनिधित्व का मौका मिला।

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रायबरेली से 1967 में इंदिरा गांधी ने पहली बार जिले से महिला सांसद के रूप में जीत दर्ज की। 1971 के चुनाव में भी वह रायबरेली होकर संसद पहुंचीं। 1977 तक जिले का नेतृत्व करने वाली इंदिरा गांधी ने हार का सामना करने के बाद 1980 में फिर जीतने के बाद सीट छोड़ दी। 1989 तक पुरुषों के जिम्मे रायबरेली संसदीय सीट रही।

1989 में हुए चुनाव में शीला कौल कांग्रेस से जीतीं। 1991 में भी वह सांसद चुनी गईं। 1996 तक उन्होंने रायबरेली का प्रतिनिधित्व किया। इंदिरा गांधी 10 साल तो शीला कौल सात साल सांसद रहीं। 2004 में पहली बार चुनाव लड़ने आईं सोनिया गांधी 2004 से लगातार सांसद के रूप में जिले का प्रतिनिधित्व करती रहीं।
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सोनिया सबसे अधिक 20 साल तक जिले की लगातार सांसद रहीं। 72 साल में जिले से 10 लोग सांसद बनें। इनमें फिरोज गांधी, आरपी सिंह, बैजनाथ कुरील, अरुण नेहरू, राज नारायण, अशोक सिंह और सतीश शर्मा को 35 साल जिले का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला। इंदिरा गांधी, शीला कौल और सोनिया गांधी ने 37 साल तक केंद्र में रायबरेली की शान बरकरार रखी।

 

महिला सांसद कब-कब जीतीं

इंदिरा गांधी व राज नारायण। - फोटो : amar ujala
इंदिरा गांधी: 1967,1971, 1980
शीला कौल :1989, 1991
सोनिया गांधी: 2004, 2006, 2009, 2014, 2019

विधानसभा वार  महिला और पुरुष वोटर

बछरावां     180326, 166293
हरचंदपुर        171292, 156399
रायबरेली सदर  198758, 182135
सलोन        188696, 172400
सरेनी    196793, 181381
ऊंचाहार  183139, 165913
कुल       1119004, 1024521

एक हजार पुरुषों पर वर्तमान में महिला वोटर

विधानसभा 2022 में अनुपात 2024 में अनुपात
बछरावां       909, 922
हरचंदपुर      906, 913
रायबरेली      909, 916
सलोन          900, 914
सरेनी           918, 922
ऊंचाहार       896, 906

 
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फिर भी लोकतंत्र के महापर्व में महिलाओं की उपेक्षा

जिले में एक हजार पुरुषों पर महिलाओं की संख्या बढ़कर 946 हो गई है, लेकिन मतदाता सूची में प्रति हजार पुरुषों पर 916 महिलाओं के नाम ही दर्ज हैं। एपिक रेशियो भी वर्ष 2022 के चुनाव की तुलना में 1.42 प्रतिशत बढ़ा, लेकिन महिलाओं वोटरों में बड़ा इजाफा नहीं हुआ। 2022 में एपिक रेशियो 59.66 था। इस साल यह बढ़कर 61.08 हो गया है। लोकतंत्र के महापर्व में कहीं न कहीं महिलाओं के वोटर बनने में अब भी सुस्ती है। तमाम प्रयासों के बाद भी एक हजार पुरुषों पर 30 महिलाएं मतदाता बनने से अब भी वंचित हैं। लोकतंत्र के महापर्व में महिला और पुरुष वोटरों को लेकर अंतर कहीं न कहीं जागरूकता में कमी को दर्शा रहा है। जनसंख्या के हिसाब से वोटर बनने में इजाफा तो हुआ है, लेकिन महिलाओं को वोटर बनाने की प्रगति में ज्यादा सुधार देखने को नहीं मिला।
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