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अवध में आफत बनी बारिश, दीवार गिरने से पांच की मौत, सीतापुर में घाघरा में समाया तटबंध

Fri, 27 Sep 2019 12:35 AM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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बारिश से हुआ जलभराव। - फोटो : amar ujala
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अवध के लगभग सभी जिलों में लगातार दो दिनों से हो रही बारिश लोगों के लिए आफत बन गई है। बाराबंकी, अमेठी व रायबरेली में कच्ची दीवार गिरने से कई पांच मौतें हुई हैं तो सीतापुर के रामपुर मथुरा में बाढ़ से गांवों को बचाने के लिए दो साल पहले बनाया गया तटबंध घाघरा में समा गया। जिससे ग्रामीणों में दहशत है। मौसम में हाल फिलहाल राहत न मिलने का अंदाजा लगाते हुए प्रशासन ने शुक्रवार को इंटरमीडिएट तक स्कूल बंद करने का आदेश दे दिया है।

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दरअसल, बुधवार को शुरू हुआ बारिश का दौर बृहस्पतिवार को भी पूरे दिन जारी रहा। इसके चलते गांवों में कच्चे मकान ढहने की कई घटनाएं सामने आई हैं। बाराबंकी के सुबेहा थाना क्षेत्र के वदीपुर मजरे इस्माइलपुर निवासी मोबीन का आठ वर्षीय का बेटा उमेर स्कूल से लौटा ही था कि उसके ऊपर घर की छत और दीवार ढह गई। मलबे में दबने से घायल उमेर को परिवारीजन एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उमेर एक निजी स्कूल में कक्षा तीन में पढ़ता था। जैदपुर थाना क्षेत्र में परसोला गांव निवासी वृद्धा बृजरानी पत्नी सुरेश की छत गिरने से उसके मलबे के नीचे दबकर मौत हो गई।

उधर, रायबरेली में भी बुधवार रात से तेज हवाओं के साथ शुरू हुई बारिश गुरुवार देर शाम तक होती रही। यहां के गदागंज थाना क्षेत्र के पूरे ककोरन गांव निवासी शाहिद अली की कच्ची दीवार भरभराकर ढह गई। जिसके मलबे में दबकर बेटी बीना (3) की मौत हो गई, जबकि उसकी पत्नी समीमुननिशा (35) घायल हो गईं।

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अमेठी में घर की छत ढहने से एक की मौत व दो घायल

इलाके के एक प्राथमिक स्कूल में भरा पानी। - फोटो : amar ujala
अमेठी जिले के फुरसतगंज थाना क्षेत्र के पूरे नंदा मजरे सबरहदा गांव में पक्के मकान की छत ढह गई। जिसके मलबे में दबकर कृष्ण बहादुर सिंह (65) की मौत हो गई, जबकि उसकी पत्नी विद्या सिंह (62) व बेटा राघवेंद्र (30) घायल हो गये।

सीतापुर के रामपुर मथुरा में बाढ़ से गांवों को बचाने के लिए दो साल पहले बनाया गया तटबंध घाघरा में समा गया। बांध कटने से घाघरा के किनारे बसे गांवों में हड़कंप है। सतह से पानी डेढ़ फीट नीचे होने से पानी अभी गांव में नहीं पहुंचा है लेकिन कटान जारी होने से लोगों में दहशत में हैं।

दशरथपुरवा गांव में लोगों ने गृहस्थी समेटकर पलायन शुरू कर दिया है। बांध कटने से तटीय क्षेत्र के करीब 52 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। घाघरा उफनाई तो इन गांवों की लगभग 25 हजार आबादी प्रभावित होगी।
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धान की फसल को 20 प्रतिशत तक नुकसान

तेज हवा चलने से गिरी धान की फसल। - फोटो : amar ujala
लगातार हो रही बारिश से धान की फसल को 15 से 20 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। जिसकी सूचना कृषि विभाग ने भारत सरकार को भेज दी है। बारिश से धान की अगेती फसल खेतों में धरासाई हो रही है। बाराबंकी के उपकृषि निदेशक अनिल कुमार ने 15 से 20 प्रतिशत फसल के नुकसान की बात कही है।
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