शालिनी अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी। वह पढ़ने-लिखने में भी तेज थी। राहुल और अदिति ने बताया कि कभी बेटी को किसी भी तरह की तकलीफ नहीं होने दी। उसे कोई परेशानी न हो, इसलिए अलग कमरा दिया गया था। शहर के सबसे अच्छे स्कूल में उसका दाखिला कराया। माता-पिता उसकी हर इच्छा पूरी करते थे। उसकी मौत से दोनों को सदमा लग गया है। रिश्तेदारों व करीबियों ने किसी तरह दोनों को संभाला। शालिनी की मौत से अपार्टमेंट के लोग भी दुखी हैं।
सुसाइड नोट में फ्रेंच व अंग्रेजी भाषा और एक मोबाइल नंबर में उलझी पुलिस
शालिनी का सुसाइड नोट काफी अजीबोगरीब था। उसने अपनी कॉपी के एक पन्ने पर नीले रंग के पेन और पेंसिल से छोटा सा सुसाइड नोट लिखा था। सुसाइड नोट पर एक मोबाइल नंबर 9696704350 लिखा था। पुलिस कॉफी देर तक इसे लेकर उलझी रही। सुसाइड नोट पर सबसे पहले पेन से फॉरमेट लिखा था। इसके आगे एक मोबाइल नंबर लिखा था। फॉरमेट और मोबाइल नंबर के बीच क्या संबंध है? यह पुलिस नहीं समझ सकी।
‘अमर उजाला’ ने उक्त नंबर मिलाया तो किसी अभिषेक नाम के लड़के ने कॉल उठाई और उन्नाव के नवाबगंज इलाके से बोलने की जानकारी दी। उसने बताया कि मोबाइल फोन तुषार का है जो उसका दोस्त है। फिलहाल वह अपना फोन यहां छोड़कर कहीं गया हुआ है। इसके नीचे शालिनी ने फ्रेंच भाषा में लिखा ‘मैं एक सेल्सगर्ल हूं।’ यह उसने क्यों लिखा? इस पर भी पुलिस कोई जानकारी नहीं हासिल कर सकी। इसके बाद उसने अंग्रेजी में लिखा, ‘सॉरी मम्मा।’ उसने लिखा कि जो कर रही हूं, उस पर शर्मिंदा हूं, इसलिए मुझे माफ कर देना। छात्रा ने खुद से शर्मिंदा होने की बात क्यों लिखी? पुलिस इस बारे में जानकारी जुटा रही है।