फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लामार्ट की छात्रा ने अपार्टमेंट की पांचवीं मंजिल से कूदकर दी जान, सुसाइड नोट की भाषा में उलझी पुलिस

Fri, 27 Sep 2019 12:20 AM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
शालिनी रॉय सिंह। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

राजधानी के प्रतिष्ठित लामार्ट गर्ल्स स्कूल में कक्षा आठ की छात्रा शालिनी रॉय सिंह (14) ने बुधवार रात माल एवेन्यू स्थित आरिफ कोर्ट अपार्टमेंट की पांचवीं मंजिल से छलांग लगाकर खुदकुशी कर ली। कुछ देर बाद आई शलिनी की मां ने उसे लापता देखकर खुली पड़ी खिड़की से झांका तो चीख निकल गई। शालिनी खून से लथपथ जमीन पर पड़ी थी। उसे सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पाकर आए हुसैनगंज इंस्पेक्टर अनिल कुमार को छात्रा के हाथों लिखा सुसाइड नोट मिला है। लोगों ने बताया कि छात्रा रात करीब डेढ़ बजे फोन पर बातचीत कर रही थी। मां ने उसे डांटा जिस पर छात्रा सोने के बहाने कमरे में गई और खिड़की से छलांग लगा दी।

विज्ञापन


इंस्पेक्टर ने बताया कि घटना रात करीब ढाई बजे की है। शालिनी आठ मंजिला अपार्टमेंट के पांचवें फ्लोर पर स्थित फ्लैट में माता-पिता के साथ रहती थी। उसके पिता राहुल रॉय चौधरी भारतीय सेना से मेजर के पद से सेवानिवृत्त हैं और वर्तमान में विभूतिखंड स्थित टाटा कंसलटेंसी सर्विस में नौकरी कर रहे हैं। उसकी मां अदिति एक निजी बैंक में प्रबंधक हैं। बुधवार रात करीब डेढ़ बजे वह किसी से फोन पर बातचीत कर रही थी तभी अदिति कमरे में आ गईं। शालिनी को बातचीत करते देख वह नाराज हो गईं और डांटते हुए सोने को कहा। अदिति के जाने के बाद छात्रा ने खिड़की से छलांग लगा दी। कुछ देर बाद अदिति कमरे में आईं तो वह बिस्तर पर नहीं मिली।

उन्होंने पुकारा, लेकिन छात्रा नजर नहीं आई। वह टॉयलेट और किचन की तरफ गईं तो शालिनी वहां भी नहीं मिली। वह शालिनी के कमरे की तरफ लौटीं और खिड़की खुली देखकर नीचे झांका तो चीख निकल गई। शालिनी खून से लथपथ हालत में पड़ी थी। उनकी चीखें सुनकर अपार्टमेंट के लोगों की नींद खुल गई। राहुल, अदिति व अपार्टमेंट के लोग उसे उठाकर सिविल अस्पताल ले गए, लेकिन जान नहीं बचाई जा सकी। पुलिस को शालिनी के कमरे से सुसाइड नोट मिला है। इंस्पेक्टर का कहना है कि छात्रा ने पारिवारिक कारणों से खुदकुशी की है। जांच की जा रही है।

विज्ञापन

इकलौती संतान थी शालिनी, सदमे में माता-पिता

शालिनी अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी। वह पढ़ने-लिखने में भी तेज थी। राहुल और अदिति ने बताया कि कभी बेटी को किसी भी तरह की तकलीफ नहीं होने दी। उसे कोई परेशानी न हो, इसलिए अलग कमरा दिया गया था। शहर के सबसे अच्छे स्कूल में उसका दाखिला कराया। माता-पिता उसकी हर इच्छा पूरी करते थे। उसकी मौत से दोनों को सदमा लग गया है। रिश्तेदारों व करीबियों ने किसी तरह दोनों को संभाला। शालिनी की मौत से अपार्टमेंट के लोग भी दुखी हैं।

सुसाइड नोट में फ्रेंच व अंग्रेजी भाषा और एक मोबाइल नंबर में उलझी पुलिस
शालिनी का सुसाइड नोट काफी अजीबोगरीब था। उसने अपनी कॉपी के एक पन्ने पर नीले रंग के पेन और पेंसिल से छोटा सा सुसाइड नोट लिखा था। सुसाइड नोट पर एक मोबाइल नंबर 9696704350 लिखा था। पुलिस कॉफी देर तक इसे लेकर उलझी रही। सुसाइड नोट पर सबसे पहले पेन से फॉरमेट लिखा था। इसके आगे एक मोबाइल नंबर लिखा था। फॉरमेट और मोबाइल नंबर के बीच क्या संबंध है? यह पुलिस नहीं समझ सकी।
विज्ञापन

‘अमर उजाला’ ने उक्त नंबर मिलाया तो किसी अभिषेक नाम के लड़के ने कॉल उठाई और उन्नाव के नवाबगंज इलाके से बोलने की जानकारी दी। उसने बताया कि मोबाइल फोन तुषार का है जो उसका दोस्त है। फिलहाल वह अपना फोन यहां छोड़कर कहीं गया हुआ है। इसके नीचे शालिनी ने फ्रेंच भाषा में लिखा ‘मैं एक सेल्सगर्ल हूं।’ यह उसने क्यों लिखा? इस पर भी पुलिस कोई जानकारी नहीं हासिल कर सकी। इसके बाद उसने अंग्रेजी में लिखा, ‘सॉरी मम्मा।’ उसने लिखा कि जो कर रही हूं, उस पर शर्मिंदा हूं, इसलिए मुझे माफ कर देना। छात्रा ने खुद से शर्मिंदा होने की बात क्यों लिखी? पुलिस इस बारे में जानकारी जुटा रही है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें