प्रदेश में सोमवार को आंधी-पानी के साथ गिरे ओलों ने सरसों और दलहनी फसलों को जबरदस्त नुकसान पहुंचाया है। आंधी में गिर जाने के कारण गेहूं की क्वालिटी भी खराब होना तय माना जा रहा है। कृषि विभाग ने सभी जिलों से नुकसान की रिपोर्ट भेजने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
सरसों की फसल पकने की स्थिति में पहुंच चुकी है। इस फसल के लिए तो यह आंधी-पानी किसी कहर से कम साबित नहीं हुआ है।
उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (उपकार) के महानिदेशक प्रो. राजेंद्र कुमार कहते हैं कि अंधड़, बारिश और ओलों से सरसों की फसल को 50 फीसदी तक नुकसान पहुंचा है। जल्दी बोए गए गेहूं को भी 10-20 फीसदी तक नुकसान पहुंचा है।
खत्म हो गईं दलहनी फसलें
इस बारिश ने किसान की कमर तोड़ दी
- फोटो : amar ujala
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि सूखे की मार झेल चुकी बुंदेलखंड की दलहनी फसलें तो एक तरह से खत्म हो गईं। वहीं देर से बोए गए गेहूं का उत्पादन तो नहीं गिरेगा, मगर उसकी क्वालिटी खराब होना तय है।
कृषि निदेशक मुकेश श्रीवास्तव ने जल्दी बोए गए गेहूं को हुए नुकसान की बात स्वीकार करते हुए कहा कि इस बाबत जिलों से रिपोर्ट मंगाई गई है।
अवध के मौसम में सोमवार को अचानक आए बदलाव ने किसानों की नींद उड़ा दी है। कई इलाकों में तेज आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश हुई और ओले गिरने से गेहूं, सरसों की फसलें बिछ गईं हैं।
दुर्घटनाओं में दो की मौत
बारिश के साथ पड़े ओले
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एक हफ्ते के भीतर चौथी बार मौसमी उठापटक ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। वहीं, फैजाबाद में आंधी-बारिश के दौरान सोमवार की शाम खंडासा थानाक्षेत्र के किनहूपुर गांव में छप्पर की कच्ची दीवार गिरने से अरविंद (13) की मौत हो गई है।
सीतापुर के अटरिया में ओलावृष्टि से एक वृद्ध किसान रामआसरे (62) की मौत हो है। वह घास लेने खेत गया था।
फैजाबाद में आंधी के साथ हुई बारिश से फसलों को भारी क्षति हुई है। गेहूं व सरसों की फसलें खेत में गिर गई हैं।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. राजेश कुमार यादव ने बताया कि आंधी-पानी से गेहूं व सरसों की फसल को काफी क्षति पहुंच सकती है। हालांकि मौसम साफ हुआ तो फसल फिर खड़ी हो सकती है।
करीब 40 फीसदी फसलों का नुकसान
खेतों में जगह-जगह पानी भर गया
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रायबरेली में रविवार रात एक बार फिर तेज हवा के साथ बारिश होने से गेहूं, सरसों की पकी फसल खेतों में ही गिर गई। करीब 40 फीसदी नुकसान का अनुमान है। इससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रही हैं।
बहराइच में रुपईडीहा, मिहींपुरवा, नवाबगंज, बिछिया, सुजौली, शिवपुर क्षेत्र में सोमवार सुबह ओले गिरने के बाद झमाझम बरसात हुई। इसके चलते खेतों में खड़ी गेहूं की फसल गिर गई है। 40 फीसदी फसल चौपट होने का अनुमान है। वहीं, श्रावस्ती में हल्की बूंदाबांदी हुई है।
सीतापुर के मिश्रिख और कमलापुर में ओले गिरने से फसल को नुकसान हुआ है। बलरामपुर में तेज हवा के बीच हुई बारिश तथा ओलावृष्टि से गेहूं के साथ-साथ दलहनी व तिलहनी फसलों को भारी नुकसान हुआ है। किसान खेतों में खड़ी फसलों की दुर्दशा देख चिंतित है।