सूबे में लगातार हो रही बारिश से नदियां उफना गई हैं। कई जगह खतरे का निशान पार कर चुकी हैं। अवध में भी घाघरा, शारदा, सरयू नदी रौद्र रूप दिखा रही है। कई गांवों को अपनी चपेट में ले चुकी हैं। 200 से ज्यादा गांवों पर खतरा मंडरा रहा है। लोग पलायन करने लगे हैं।
मौसम विभाग ने कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी दी है। इससे हालात और खराब होने की आशंका जताई जा रही है। उधर, बारिश के चलते हुए हादसों में अवध में नौ लोगों की मौत हो गई जबकि सूबे में 24 लोगों की जान चली गई।
बाराबंकी में घाघरा खतरे के निशान 106.076 से ऊपर 106.156 मीटर पर बह रही है। पानी दो सेमी. प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। वहीं, बहराइच में भी घाघरा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। महसी में शून्य नंबर स्पर के पास लाखों की लागत से बनाई गई सुरक्षा दीवार कट गई। इससे नदी का पानी आदमपुर-रेवली तटबंध की ओर बढ़ गया है।
कटान में कायमपुर व टेपरी गांव के छह मकान और लगभग बीस बीघा खेत समाहित हो गए हैं। कायमपुर गांव के ग्रामीणों ने पलायन शुरू कर दिया है। यहां 150 से ज्यादा गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
नदियों के जलस्तर में भारी बढोत्तरी
वहीं, श्रावस्ती में भी 50 से अधिक गांव खतरे में हैं। वहीं, फैजाबाद के अयोध्या में घाघरा 91.870 मीटर पर बह रही थी। यहां खतरे का जलस्तर 92.730 मीटर है।
आधा चरसडी बांध नदी में समाया
कटान के चलते गोंडा में एल्गिन-चरसडी बांध का आधा हिस्सा कटकर नदी में समा चुका है। वहीं, रायबरेली के डलमऊ में गंगा लाल निशान छूने को बेताब है। यहां जलस्तर प्रति घंटे में चार सेमी बढ़ रहा है।
दीवार गिरने से 6, डूबने से तीन की मौत
मूसलाधार बारिश के चलते सीतापुर के सदरपुर में दीवार गिरने से जयंती प्रसाद और उनके पोते की मौत हो गई। घायल मां-बेटे को ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है।
महमूदाबाद तहसील और इमलिया सुल्तानपुर थानाक्षेत्र में भी बारिश के कारण दीवार गिरने से दो की मौत हो गई। सुल्तानपुर के जयसिंह कोतवाली क्षेत्र में एक महिला की मौत हो गई।
बारांबकी के बेलहरा में कच्ची दीवार ढहने से 8 साल का बच्चा दब गया जिससे उसकी मौत हो गई। वहीं, लखनऊ में तीन बच्चे नहाते समय डूब गए।