जम्मू में फंसे इंदिरानगर के पवन तिवारी ने बताया कि यह रेलवे की पुरानी कारस्तानी है। पहले तो अचानक ट्रेन निरस्त कर दी, फिर जब देखा कि खासी संख्या में यात्री जम्मू में फंसे हैं तो स्पेशल ट्रेन चलाकर उनसे मोटी कमाई कर ली। वहीं, शुभ्रा पाठक ने बताया कि स्पेशल ट्रेन से लौटना काफी महंगा पड़ गया। जबकि यह गलती रेलवे की थी, न कि यात्रियों की।
दो जून को जम्मू से लखनऊ आने वाली ट्रेन 12588 जम्मू-गोरखपुर एक्सप्रेस की स्लीपर में 277 वेटिंग थी। थर्ड एसी में 86, सेकेंड में 25 वेटिंग रही। ऐसे ही जम्मू से लखनऊ के लिए 13152 कोलकाता एक्सप्रेस व 12238 बेगमपुरा एक्सप्रेस में सीटें तक उपलब्ध नहीं थी, जिससे बुकिंग बंद हो गई। ऐसे में यात्रियों को मजबूरी में स्पेशल ट्रेन से लौटना पड़ा।