महाकुंभ-2013 में मौनी अमावस्या के दिन इलाहाबाद जंक्शन पर भगदड़ के कारण हुई मौतों के लिए रेलवे प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया गया है।
एकल सदस्यीय जांच आयोग ने माना कि रेलवे को भीड़ प्रबंधन के जो इंतजाम करने चाहिए थे जो कि नहीं किये गए। इस कारण ही यह दुर्घटना घटी। आयोग ने अपनी जांच रिपोर्ट राज्यपाल राम नाईक को सौंप दी है।
गौरतलब है कि फरवरी 2013 में महाकुंभ के दौरान इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर भगदड़ मच गई थी। इसमें 38 श्रद्धालुओं की मृत्यु हो गई थी जबकि 47 लोग घायल हो गए थे।
नाकाफी थे रेलवे के इंतजाम
मामले की जांच के लिए प्रदेश सरकार ने फरवरी 2013 में एकल सदस्यीय जांच आयोग बनाया था। यह जांच अवकाश प्राप्त न्यायाधीश ओंकारेश्वरनाथ भट्ट को सौंपी गई थी।
आयोग को जांच में कई तरह की अनियमितताएं मिली हैं। इसमें पाया गया कि रेलवे प्रशासन भीड़ का अंदाजा लगाने में विफल रहा।
उसकी उम्मीद से कई गुना अधिक श्रद्धालु स्टेशन पर पहुंच गए थे। इस कारण उसके इंतजाम नाकाफी हो गए।
इसलिए हुईं सबसे ज्यादा मौतें
जांच रिपोर्ट में कहा गया कि प्लेटफार्म नंबर चार व छह को जोड़ने वाला पैदल ओवर ब्रिज को वन वे किया जाना था। लेकिन यह काम नहीं किया गया। इस कारण यहां पर सबसे ज्यादा मौतें हुईं।
जांच आयोग ने इस घटना में करीब एक हजार लोगों से पूछताछ की। इसमें रेलवे के अधिकारी कर्मचारी, डॉक्टर, चिकित्सा कर्मी, पुलिस के अधिकारी व जिला प्रशासन के लोग शामिल हैं।
न्यायमूर्ति भट्ट ने बृहस्पतिवार को अपनी रिपोर्ट राज्यपाल को सौंपी। अब राज्यपाल इस रिपोर्ट का अध्ययन करेंगे। इसके बाद वह रिपोर्ट को कार्रवाई के लिए सरकार को भजेंगे।