आरआरबी द्वारा ज्यादा शुल्क लिए जाने की वजह ऑनलाइन परीक्षा बताई जा रही है। दरअसल, पिछली दो भर्तियों से आरआरबी द्वारा ऑनलाइन परीक्षा ली जा रही है। इसमें बोर्ड का खर्च ज्यादा आता है। साथ ही बहुत से परीक्षार्थी एक बोर्ड की बजाय कई बोर्ड से आवेदन कर देते हैं। ऐसे में एक से ज्यादा आवेदन करने वाले परीक्षार्थियों के लिए सभी संबंधित बोर्ड द्वारा ऑनलाइन परीक्षा देने की व्यवस्था की जाती है। जबकि एक ही तिथि में सभी भर्ती बोर्ड द्वारा परीक्षा ली जाती है। ऐसे में परीक्षार्थी एक ही बोर्ड के केंद्र में आयोजित परीक्षा में शामिल हो पाता है। आरआरबी प्रशासन का कहना है कि प्रति छात्र के हिसाब से वह परीक्षा केंद्र को भुगतान करते हैं।
एससी/एसटी अभ्यर्थियों द्वारा 250 रुपये का शुल्क लिए जाने के सवाल पर आरआरबी इलाहाबाद के चेयरमैन एसएएम नकवी का कहना है कि जो परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे, उनकी फीस बाद में वापस कर दी जाएगी। बताया कि अमूमन देखा गया कि परीक्षा में शामिल होने के लिए मिलने वाले फ्री रेलवे पास के चक्कर में बहुत से अभ्यर्थी आवेदन कर देते हैं, लेकिन वे परीक्षा में शामिल नहीं होते। इसी वजह से इस बार बोर्ड ने एससी/एसटी अभ्यर्थियों से शुल्क मांगा है।