बाराबंकी में रेल कर्मियों की सक्रियता से शनिवार को एक बड़ा रेल हादसा होने से बच गया। मालगाड़ी गुजरने से ठीक पहले सुबह रघई गांव के पास डाउन लाइन की पटरी टूटी मिली। यह देख कीमैन व गेटमैन ने लाल झंडी दिखाकर मालगाड़ी को रोक दिया। पटरी की अस्थायी मरम्मत करने के बाद मालगाड़ी को गुजारा गया। इसके बाद पहुंची टीम ने पटरी को दुरुस्त किया।
शहर कोतवाली क्षेत्र में रघई गांव के पास रेल क्रासिंग गेट संख्या 179 बी के पास शनिवार की सुबह करीब 6:25 बजे डाउन लाइन की रेल पटरी टूटी मिली। यह पटरी 1071 किमी. के खम्भा संख्या 10 और 12 के बीच टूटी थी। पटरी में लगभग दो इंच का बड़ा गैप था। टूटी पटरी देखते ही कीमैन हरिकेश के होश उड़ गए। उसने आननफानन में गेट पर तैनात कर्मचारी बृजमोहन को जानकारी दी। उसी दौरान डाउन लाइन पर एक मालगाड़ी के आने का संकेत मिला।
दोनों रेल कर्मियों ने सूझबूझ के बाद कई मीटर आगे दौड़कर लाल झंडी दिखाकर मालगाड़ी को रोक दिया। इसके बाद टूटी हुई पटरी पर क्लैंप बांधा। दोनों कर्मचारियों ने टूटी रेल पटरी की अस्थायी मरम्मत कर मालगाड़ी को कॉसन पर गुजारा।
इसके चलते मालगाड़ी लगभग आधा घंटा ट्रैक पर खड़ी रही। रेल कर्मियों ने मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई। इसके बाद मौके पर पहुंची टीम ने टूटी पटरी की पूरी तरह मरम्मत की। रेलकर्मियों की सूझबूझ से एक बड़ा रेल हादसा होने से बच गया।