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इस अस्पताल में ऐसे होते हैं ऑपरेशन

Tue, 01 Oct 2013 11:01 AM IST
टीम डिजिटल/लखनऊ
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डेंगू के नाम पर अस्पतालों में हो रही लूट की सूचना के बाद हरकत में आए सीएमओ ऑफिस के अधिकारियों के निशाने पर सोमवार को वृंदावन सेक्टर पांच का अग्निहोत्री अस्पताल और आलमबाग का अवध हॉस्पिटल आ गया।
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टीम को सूचना मिली थी की अस्पताल में डेंगू के मरीजों का इलाज किया जा रहा है। वहां पहुंचने पर टीम को कई अनियमितताएं मिलीं। इसके बाद उन्होंने दवाएं, इंजेक्शन और कागजात अपने कब्जे में ले लिया।

सोमवार लगभग 12.30 बजे मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय की टीम वृंदावन सेक्टर पांच स्थित अग्निहोत्री अस्पताल पहुंची तो वहां का नजारा देख दंग रह गई।

टीम के सदस्य डॉ. डीके चौधरी और डॉ. जेएस वाजपेई ने बताया की अस्पताल में बीएएमएस डिग्री धारक डॉ. विवेक अग्निहोत्री नियम कानून को ताक पर रखकर मरीजों का ऑपरेशन और खून चढ़ाने जैसे काम कर रहे थे।
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इसके लिए मरीजों से भारी भरकम रकम की वसूली जा रही थी। छापेमारी के दौरान टीम ने ऐसी कई सिरिंज कब्जे में लीं जिनका इस्तेमाल कई मरीजों को इंजेक्शन लगाने के लिए किया जाता था।

लापरवाही का आलम यह था कि अस्पताल के ओटी की जर्जर हालत बता रही थी मरीजों को मौत के मुंह में ढकेलने की पूरी तैयारी है। टीम ने मरीजों से जब पूछा कि ऑपरेशन किसने किए हैं तो उनके पास जवाब कोई नहीं था।

वहीं किसी भी मरीज का बीएचटी (बेड हेड टिकट) वार्ड में नहीं मिला। टीम ने पूछताछ की तो पता चला कि मरीज की पूरी जानकारी डायग्नोसिस रजिस्टर में नोट की जाती है लेकिन रजिस्टर कहां है किसी को नहीं पता। टीम के साथ डॉ. सईद अहमद, डॉ. कमलेश और डॉ. आरबी सिंह भी वहां गए थे।

छापेमारी में मिले खाली स्टांप पेपर
अस्पताल में टीम ने छापेमारी के दौरान खाली स्टांप पेपर और कई सारे ऐसे दस्तावेज जब्त किए। जिसको देखकर उसको अनियमितता की पूरी कहानी समझ में आ गई।

टीम ने जब अस्पताल के अभिलेखों की जांच की तो उसे 10 रुपये के कई सादे स्टांप पेपर मिले। इसके अलावा अस्पताल में जरूरत से ज्यादा दवाईयों का स्टॉक मिला।

अवध अस्पताल के आईसीयू में ताला
सीएमओ की टीम ने सोमवार को ही आलमबाग स्थित अवध अस्पताल पर भी छापा मारकर कई अनियमितताएं पकड़ीं। दोपहर करीब तीन बजे अस्पताल पहुंची टीम को अस्पताल का प्रबंधन देखने वाले समर त्रिपाठी ने अस्पताल का मुआयना करने से रोकने की काफी कोशिश की लेकिन टीम ने उनकी एक न सुनी।

टीम ने अपनी जांच पड़ताल में आईसीयू वार्ड में एक्सपायरी इंडो ट्राइकोरियल ट्यूब भी बरामद की।

आग से बचाव के लिए महज एक सिलेंडर मिला जिस पर टीम ने अस्पताल में आग से बचाव को लेकर कई कमियों को उजागर किया। करीब डेढ़ घंटे तक अस्पताल की जांच करने के बाद पूरी टीम करीब साढ़े चार बजे अस्पताल के जरूरी कागजात के साथ वापस लौट गई।

अस्पताल का बायो वेस्ट मैनेजमेंट फेल
लखनऊ। टीम ने छापेमारी के दौरान अस्पताल के कूड़ा निस्तारण व्यवस्था को लेकर अस्पताल के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कई कागजात कब्जे में लिए।

टीम ने पाया की अस्पताल में मरीजों के लिए इस्तेमाल होने वाले ग्लब्स और दूसरा कूड़ा एक साथ फेंका गया है। इससे नाराज टीम ने कूड़ा निस्तारण को लेकर कड़ी आपत्ति जताई।
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