बाजार में नकली हॉलमार्क के गहने भी बिक रहे हैं। इसका खुलासा भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) की टीम ने आजमगढ़ स्थित दो ठिकानों पर छापे मारकर किया। दोनों ही सेंटर अवैध थे, जहां सोने की ज्वैलरी पर हॉलमार्क की नकली मुहर लगाई जा रही थी।
बता दें कि सोने के गहनों में ग्राहकों को ठगी से बचाने के लिए उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने हॉलमार्क लागू किया है। वर्तमान में 256 शहरों में बिना हॉलमार्क की ज्वैलरी नहीं बेची जा सकती। शहरों का दायरा बढ़ाया जा रहा है। इसे देखते हुए नकली हॉलमार्क मुहर लगाने वाले जालसाज सक्रिय हो गए हैं।
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बीआईएस के वरिष्ठ निदेशक व प्रमुख सुधीर बिश्नोई ने बताया कि 15 दिन पहले आजमगढ़ में नकली हॉलमार्क मुहर लगाए जाने की सूचना मिली थी। गोपनीय जांच में मामला सही पाया गया। बृहस्पतिवार को बीआईएस के संयुक्त निदेशक चंद्रकेश सिंह, उपनिदेशक सुयश पांडेय, जितेश कुमार और प्रणय जैन की टीम ने पुलिस फोर्स के साथ आजमगढ़ में पुरानी कोतवाली स्थित श्री बांके बिहारी जी गोल्ड टंच और मुबारकपुर स्थित रुद्रा गोल्ड टंच और लेजर मार्किंग सेंटर में छापा मारकर अवैध हॉलमार्किंग पकड़ा।
इस दौरान दोनों सेंटरों में सोने के गहनों पर नकली हॉलमार्क लगाने के लिए चार लेजर मशीनों को जब्त किया गया। वहां पिछले एक वर्ष से भी ज्यादा समय से गहनों पर फर्जी हॉलमार्क मुहर लगाए जा रहे थे। मुहर वाले गहनों की कीमत कुछ ज्यादा होती है। इसके एवज में एक पीस पर मुहर की कीमत 35 से 50 रुपये तक ली जा रही थी। दिनभर में सैकड़ों गहनों पर नकली हॉलमार्किंग की जा रही थी।