रायबरेली। नागपुर में बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में सांसद राहुल गांधी की ओर से जिले की प्रशासनिक व्यवस्था में असमानता को लेकर दिए गए बयान पर बृहस्पतिवार को दूसरे दिन भी रायबरेली का सियासी पारा चढ़ा रहा। पूर्व मंत्री डॉ. मनोज पांडेय ने सांसद के बयान पर आपत्ति जताते हुए इसे सत्य से परे बताया।
कहा कि ऐसे बयानों से देश की सामाजिक एकता को आघात पहुंचा है। उन्होंने दिशा की बैठक में मौजूद अधिकारियों की सूची जारी कर राहुल गांधी को करारा जवाब दिया। बुधवार को सांसद राहुल गांधी नागपुर के दीक्षाभूमि पहुंचे था। वहां आयोजित संविधान सम्मान सम्मेलन के दौरान उन्होंने मंगलवार को हुई दिशा की बैठक का जिक्र करते हुए कहा था कि रायबरेली में 80 प्रतिशत अधिकारी दो समुदाय विशेष के हैं।
इस बयान पर बृहस्पतिवार को पूर्व मंत्री और ऊंचाहार विधायक डॉ. मनोज पांडेय ने नाराजगी जताई। कहा कि राहुल गांधी का बयान सच से परे है। इस तरह का बयान देश की एकता और सौहार्द को खंडित करने वाला है। राहुल गांधी को मालूम ही नहीं होगा कि दिशा की बैठक में पुलिस अधीक्षक, अपर जिलाधिकारी प्रशासन के साथ 70 फीसदी की हिस्सेदारी पिछड़े वर्ग से थी। इनकी उपस्थिति की सूची भी है। विधायक ने कहा कि किन परिस्थितियों में और किस निजी राजनीतिक फायदे के लिए यह बयान दिया गया, यह बड़ा सवाल है।
जिले के पिछड़े और दलित अधिकारी
जिले के अधिकारी पद
डा. यशवीर सिंह पुलिस अधीक्षक
सिद्धार्थ अपर जिलाधिकारी
अरुण कुमार जिला विकास अधिकारी
धीरेंद्र कुमार पुरुषोत्तम क्रीड़ा अधिकारी
रामप्रीत प्रसाद मुख्य अभियंता विद्युत
रामविग्रह सिंह अधिशासी अभियंता सिंचाई
जगदीश प्रसाद यादव भूमि संरक्षण अधिकारी
देवेंद्र कुमार अधिशासी अभियंता जल निगम