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राहुल ने पूछा कि आपको पता है देश का सबसे बड़ा दलाल कौन है?

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मानसून सत्र में मोदी पर लगातार सीधा हमला बोलने वाले राहुल गांधी जब अपने संसदीय क्षेत्र अमेठी पहुंचे तो वहां भी वह मोदी को लेकर हमलावर दिखे। अपने दो दिवसीय दौरे पर मंगलवार को अमेठी पहुंचे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर हमला बोला।
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अमेठी के शुकुल बाजार के पूरे लेदई गांव की चौपाल में किसानों ने उनसे बिजली, पानी, सड़क की समस्या बताई तो राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री के मेक इन इंडिया नारे पर तंज कसते हुए कहा कि अभी 'अच्छे दिन' नहीं आए हैं।

अच्छे दिन का इंतजार करिए। किसानों के आग्रह पर राहुल गांधी पानी के अभाव में सूख रही फसलों को देखते हुए पैदल ही पड़ोस के गांव दक्खिनगांव की ओर चल पड़े।
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करीब तीन माह बाद मंगलवार को अमेठी पहुंचे सांसद राहुल गांधी का पहला पड़ाव शुकुल बाजार का पूरे लेदई गांव रहा। राहुल गांधी ने गांव निवासी रामप्रगट दुबे के घर के सामने चौपाल लगाई।

चौपाल में किसानों ने राहुल गांधी से बिजली, पानी सड़क जैसी बुनियादी सहूलियतों की समस्या बताई। इस पर राहुल गांधी ने मुस्कुराते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा निशाना साधा।

राहुल ने पूछा कि परदेश में कहां रहते हैं?

राहुल ने किसानों से पूछा कि गांव के कितने लोग रोजी-रोटी के सिलसिले में परदेस में रहते हैं। जवाब मिला तमाम लोग होंगे। राहुल ने फिर दोहराया कि ये लोग कहां ज्यादा हैं और क्या करते हैं।

ग्रामीणों ने कहा कि अधिकतर लोग गुजरात में रहते हैं। उसके बाद दिल्ली में। सब के सब वहां मजदूरी करते हैं। गांव के कृष्णचेतन दुबे ने बताया कि वह आईटीआई पास है लेकिन नौकरी नहीं मिली।

 गांव के रामशंकर दुबे ने बताया कि मात्र चार-पांच घंटे ही बिजली मिलती है। राहुल ने कहा कि मांग बढ़ी लेकिन बिजली के कल-कारखाने नहीं बढ़े। ये जिम्मेदारी प्रदेश सरकारों की होती है।

किसानों ने कहा कि राहुल भइया इस बार बारिश काफी कम हुई है। पानी के अभाव में फसलें सूख रहीं हैं। किसानों के आग्रह पर राहुल गांधी खेतों के बगल से होते हुए पड़ोसी गांव दक्खिनगांव के लिए निकल पड़े।

सिर्फ वादा करते हैं, पूरा नहीं करते

सत्थिन चौराहे पर राहुल गांधी ने नरेंद्र मोदी की ओर से बिहार को डेढ़ लाख करोड़ का पैकेज दिए जाने के वादे पर हमला बोला। उन्होंने ग्रामीणों से पूछा कि चुनाव के दौरान नरेंद्र मोदी ने काला धन वापस लाने की बात कही थी।

वादा पूरा किया। जवाब न में मिला। सबके खाते में 15-15 लाख रुपये भेजने की बात कही थी। किसी के खाते में 15 लाख रुपये पहुंचे। इस बार भी ग्रामीणों ने न में सिर हिलाया। राहुल ने कहा कि नरेंद्र मोदी सिर्फ वादा करना जानते हैं। वादा पूरा करना इनका काम नहीं।

राहुल गांधी जनता के बीच ललित गेट कांड भी उठाया। उन्होंने लोगों से पूछा क्या आप जानते हो कि इस समय देश का सबसे बड़ा दलाल कौन है? कोई कुछ बोलता इससे पहले राहुल ने कहा कि ललित मोदी देश का पहले नंबर का दलाल है और यह सरकार उस दलाल की मदद कर रही है।

राहुल ने कहा कि सुषमा जी यूके गईं। वहां की सरकार को चिट्ठी लिखी और ललित मोदी की पत्नी के पासपोर्ट के लिए पैरवी की लेकिन हिंदुस्तान में किसी को नहीं बताया। आरोप लगाया कि सुषमा स्वराज की बेटी और पति ललित मोदी से पैसे लेने का काम करते हैं। राजस्थान की सीएम वसुंधरा राजे का ललित मोदी के साथ बिजनेस चलता है।

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वादों को भूलती जा रही है सरकार

राहुल गांधी ने यहां अलग-अलग जगहों पर वह सारे मुद्दे उठाए जो वह लोकसभा और अलग-अलग राज्यों की रैलियों में उठाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब मैंने लोकसभा में कहा कि अपने जमीन बिल को हम बदलने नहीं देंगे तब मोदी सरकार के लोगों ने कहा कि ४०-४५ की संख्या वाले क्या कर लेंगे।

हमने लड़कर आपकी जमीन बचाई। राहुल ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार पांच-छह उद्योगपतियों के फायदे के लिए पूरा देश चला रही है। धीरे-धीरे आप सब उनके नाम जान जाएंगे। राहुल ने नरेंद्र मोदी सरकार को सूटबूट की बताते हुए कहा कि वे पैंट-शर्ट, चप्पल और कुर्ते पाजामे की सरकार चाहते हैं।

राहुल गांधी ने कहा कि चुनाव के वक्त नरेंद्र मोदी ने वन रैंक वन पेंशन लागू करने का वादा किया था। सरकार बनने के बाद वे वादा भूल गए। हाल यह है कि सेना के लोग वन रैंक वन पेंशन की मांग को लेकर अनशन पर बैठे हैं।

राहुल गांधी सत्थिन निवासी प्रधान जुबेर अहमद उर्फ अब्दुल मन्नन के घर गए। बीती छह फरवरी को उनकी मौत हो गई थी। राहुल गांधी ने उनकी पत्नी शबाना परवीन, बेटी सारा जुबेर, पुत्रगण मो. एहतेशाम, मो. अमान, भाई लल्लन व हाजी मुन्ना से मिलकर उन्हें ढांढ़स बंधाया। कहा कि सुख-दुख में वे उनके साथ हैं।

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