फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राहुल को देखते ही वोटर बोले नमो नमो

Thu, 08 May 2014 08:53 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
यह पहला मौका था जब मतदान के दिन भी कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी अमेठी में डटे रहे लेकिन एक मतदान केंद्र पर तो उन्हें देख 'नमो' के नारे लगने लगे।
विज्ञापन


जी हां, आज सात मई को प्रदेश की 15 लोकसभा सीटों पर मतदान हुआ, जिसमें से एक अमेठी भी था। राहुल ने कई मतदान बूथों का भ्रमण किया।

अमेठी में कांग्रेस विरोधी लहर का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जगदीशपुर के एक बूथ पर जहां वोटरों ने राहुल को देखते ही नमो का नारा लगाना शुरू कर दिया वहीं एक बूथ पर उन्हें ग्रामीणों का विरोध झेलना पड़ा।

बावजूद इसके चुनाव के दिन के इस दौरे को राहुल के लिए फायदेमंद माना जा रहा है। कई मतदाताओं का रुख मोड़ने में वे कामयाब रहे।

सुबह ही पहुंचे राहुल

बुधवार को सांसद राहुल गांधी सुबह करीब साढ़े सात बजे फुरसतगंज हवाई अड्डे पर पहुंचे। वहां से निकलकर राहुल तिलोई विधानसभा के कई बूथों का भ्रमण करते हुए जगदीशपुर के कपूरीपुर, आनंद चौराहा होते हुए अचलपुर बूथ पर पहुंचे।

यहां से निकल हरगांव, गंगा का पुरवा, रेसी होते हुए जामों बूथ पहुंचे राहुल को मतदाताओं का विरोध झेलना पड़ा। यहां के बाद राहुल जगदीशपुर के झकरकटा बूथ पहुंचे तो वहां मौजूद भाजपा समर्थकों ने नमो का नारा लगाना शुरू कर दिया।

राहुल टिकरा, मयास, नंदमहर, कोरारीलच्छनशाह बूथ होते हुए मुंशीगंज स्थित संजय गांधी अस्पताल के गेस्ट हाउस पहुंचे। गेस्ट हाउस में कुछ समय रुकने के बाद राहुल गांधी भीमी गांव पहुंचे।

यहां मतदाताओं से मुलाकात कर राहुल नेवढ़िया होते हुए भादर बूथ पहुंचे। बूथ से वापस आकर राहुल भादर चौराहे पर अपने वाहन से नीचे उतर गए और मौजूद लोगों से पांच मिनट तक बातचीत करने के बाद आगे बढ़ गए।
विज्ञापन

मिल रही है कड़ी टक्कर

इस बार कांग्रेस को अमेठी में भाजपा प्रत्याशी स्मृति ईरानी और आम आदमी पार्टी के कुमार विश्वास से कड़ी टक्‍कर मिल रही है।

इसलिए यह मुकाबला बेहद कड़ा माना जा रहा है। चुनावी पंडितों का कहना है कि अभी तक जनता वोट करती थी अब उसे चुनने का मौका मिला है।

गौरतलब है कि कांग्रेस को उसके गढ़ में कड़ी चुनौती देने के लिए भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने भी अमेठी में एक जनसभा को सम्बोधि‌त किया था, जिसके बाद से ही कड़ी टक्‍कर के साथ ही राहुल के हारने की भी बातें होने लगी थीं।

उम्मीद की जा रही है कि भले ही इस सीट पर राहुल जीत जाएं पर जीत का अंतर 2009 के लोकसभा चुनाव से तो कम ही होगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें