सूत्रों के अनुसार हेमपुर ओवरब्रिज पर राघवेंद्र के चार गोलियां मारी गईं। सभी 315 बोर की गोलियां थीं, जिन्हें देशी तमंचे से चलाया गया था। ऐसा लग रहा है कि जिसने भी गोलियां चलाईं, वह बेहद आक्रोशित था। गोलियां चलाते समय आरोपी के हाथ भी नहीं कांपे। ऐसा लग रहा है कि गोली चलाने वाले शख्स को बंदूक इस्तेमाल करना अच्छे ढंग से आता था। बता दें कि इस मामले में एक रिटायर्ड फौजी भी संदेह के घेरे में है। हालांकि अब तक उसके शामिल होने की पुष्टि नहीं हुई है।
सीसीटीवी फुटेज में दिखी बाइक की छानबीन जारी
राघवेंद्र वाजपेयी शनिवार दोपहर करीब ढाई बजे अपने घर से निकले। एक सीसीटीवी फुटेज में एक बाइक व एक थार उनके पीछे जाते नजर आई। सूत्रों के अनुसार थार तो सामान्य गति से आगे भी नजर आई है। वहीं, बाइक घटनास्थल के आगे किसी सीसीटीवी फुटेज में नहीं दिखी है। बाइक की छानबीन जारी है।
खीरी तक गए आईजी रेंज, एसटीएफ ने खंगाला डेटा
डीजीपी के निर्देश पर आईजी रेंज प्रशांत कुमार द्वितीय इस पूरे मामले का पर्यवेक्षण कर रहे हैं। सोमवार दोपहर व क्राइम टीम, एसटीएफ व अन्य अधिकारियों के साथ लखीमपुर खीरी तक गए। बता दें कि खीरी से चार लोग पुलिस हिरासत में हैं। वहीं, एसटीएफ की टीम भी सक्रिय है। एसटीएफ ने कुछ डेटा खंगाला है। एसटीएफ की टीम लगातार काम कर रही है।
पुलिस लगातार डंप डाटा, कॉल रिकॉर्डिंग, सर्विलांस आदि की सहायता से खुलासे की ओर बढ़ रही है। एक निजी कंपनी के डाटाबेस का इंतजार है। जल्द इस डाटाबेस के आते ही कुछ अन्य सुराग मिलेंगे।
गत्ता फैक्टरी तक भी पहुंची पुलिस
पुलिस पूछताछ में एक गत्ता फैक्टरी का भी नाम सामने आया है। बताया जा रहा है कि इस फैक्टरी से जुड़े कुछ कर्मचारियों से भी पूछताछ हुई है। हालांकि इस फैक्टरी का इस हत्याकांड से सीधा कोई लिंक नहीं मिला है। पुलिस ने बस इस दिशा में छानबीन की है।
महोली एसएचओ संग चौकी इंचार्ज किए गए थे लाइन हाजिर
एसपी सीतापुर चक्रेश मिश्र ने सोमवार देर रात महोली एसएचओ विनोद मिश्रा को लाइन हाजिर कर दिया था। वहीं, कस्बा चौकी सतीश चंद्र, आरक्षी राजकुमार व नरेंद्र मोहन को भी लाइन हाजिर कर दिया। एसपी चक्रेश मिश्र ने बताया कि इन सभी पुलिसकर्मियों को राघवेंद्र वाजपेयी हत्याकांड में लापरवाही बरतने पर लाइन हाजिर किया गया है।