करीब घंटे भर तक यह सब चलता रहा। इस दौरान न गार्ड और न तो प्रॉक्टोरियल टीम को कोई भनक लगी। कोई आसपास भी नजर नहीं आया। पीड़ित छात्रों ने यूजीसी के हेल्पलाइन नंबर-18001805522 पर शिकायत दर्ज कराई।
इन 11 सीनियर छात्रों को किया नामजद
छात्रों ने घटना में शिवम सिंह, विरेश तिवारी, हिमांशु वर्मा, शुभम वैश, आकाश सिंह, आदित्य राज वर्मा, मो.अजीज, इरफान अहमद, प्रदीप जायसवाल, कुणाल गुप्ता और अभिषेक पाल को नामजद किया है।
लापरवाही ऐसी : रैगिंग के बावजूद नहीं बढ़ाई सुरक्षा
आईएमएस हॉस्टल में बड़ी घटना घटने के बाद भी सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए। गेट पर न तो चौकीदार था और ना ही कोई गार्ड। ऐसे में छात्रों में दहशत थी। उनका कहना था कि मामले की शिकायत होने की वजह से फिर से सीनियर हमला कर सकते हैं।
प्रॉक्टर को दिया वीडियो
हॉस्टल में एक घंटे तक उत्पात मचाकर जब उपद्रवी छात्र बाहर निकले तो पीड़ित छात्रों ने उनका वीडियो बनाया। वीडियो बनाने के बाद छात्रों ने उसे प्रॉक्टर को दिखाया। वीडियो से फोटोज निकालकर शिकायत के साथ दिया है। प्रॉक्टर ने वीडियो तथा फोटो के आधार पर दोषियों की पहचान करने की बात कही है।
मामले पर लविवि के न्यू कैंपस के एडिशनल प्रॉक्टर डॉ. वीडी सिंह का कहना है कि छात्रों को यूजीसी एंटी रैगिंग सेल में शिकायत करने से पहले विवि प्रशासन को इसकी सूचना देनी चाहिए थी। छात्रों ने इसकी लिखित शिकायत करीब तीन बजे की। शिकायत को एंटी रैगिंग सेल के पास भेज दिया गया है। परीक्षा के समय रैगिंग के मामले आमतौर पर नहीं आते। संभव है कि यह वर्चस्व की लड़ाई हो। बहरहाल जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।