पति को पीठ पर लादकर पहुंची महिला।
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सीएमओ कार्यालय में दिव्यांगता प्रमाणपत्र बनवाने के लिए महिला अपने पति को पीठ पर लादकर पहुंची को मामले की धमक लखनऊ तक हुई। मंगलवार को वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने गंभीर रुख अपनाया। उन्होंने मंडलीय अपर निदेशक को तीन दिन में जांच कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए है। उधर, सीएमओ ने पुराने कक्ष में ही जांच और प्रमाणपत्र बनाने का काम शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
मंगलवार की सुबह सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो गया। वीडियो बीते सोमवार को सीएमओ कार्यालय का बताया जा रहा है। महिला सतांव ब्लॉक के दरीबा की रहने वाली पिंकी है। वह सोमवार को पति का दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सीएमओ कार्यालय आई थी। इस दौरान व्हील चेयर न होने से महिला को अपने पति को पीठ पर लादना पड़ा। खास बात यह रही कि दौरान तमीशबीन लोग वहीं खड़े रहे और महिला की मदद के लिए आगे नहीं आए।
मामले में सीएमओ कार्यालय के जिम्मेदारों का कहना है कि मुख्य गेट के पास पूर्व में प्रमाणपत्र बनाने का काम होता था। कक्ष के बगल में ही दिव्यांगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। भीड़ बढ़नेऔर दिव्यांगों की सुविधा के लिए सीएमओ ने अपने कक्ष के बगल के हॉल में प्रमाणपत्र बनवाने का काम शुरू कराया है। ऐसे में करीब 20 मीटर तक दिव्यांगों को जाना पड़ता था। उधर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक की तरफ से सख्त कार्रवाई के आदेश देने के बाद सीएमओ ने पुराने कक्ष में ही प्रमाणपत्र जारी करने के निर्देश दिए हैं।
यूपी कांग्रेस ने एक्स पर किया ट्ववीट
यूपी कांग्रेस ने भी मामले को एक्स के माध्यम से ट्ववीट किया है। एक्स पर सीएमओ ने जवाब भी दिया कि कक्ष संख्या 36 में दिव्यांग बोर्ड के दिन जहां दिव्यांग बैठते, वहां ह्वील चेयर की व्यवस्था है। मांगने पर उपलब्ध कराया जाता है। वीडियो में दिख रही महिला ने किन परिस्थितियों मे ऐसा किया। यह जांच का विषय है।
सीएमओ रायबरेली डॉ. नवीन चंद्रा ने कहा कि दिव्यांगता प्रमाणपपत्र बनवाने के लिए आने वाले लोगों के बैठने के लिए पर्याप्त बंदोबस्त हैं। व्हील चेयर मांगने पर उपलब्ध कराया जाता है। किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही नहीं की गई है। दिव्यांगों की सुविधा पर विशेष ध्यान रखा जाता है।