अखिलेश सिंह रायबरेली सीट से पांच बार विधायक चुने गए। उन्होंने अपने सियासी सफर की शुरुआत कांग्रेस से की थी। हालांकि राकेश पांडेय हत्याकांड के बाद उन्हें कांग्रेस से बाहर निकाल दिया गया था। इसके बावजूद वह कई बार निर्दलीय विधायक चुने गए।
2012 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले अखिलेश सिंह पीस पार्टी में शामिल हो गए थे और गांधी परिवार को खूब कोसा करते थे। कहा तो यहां तक जाता है कि अखिलेश सिंह का खौफ इतना था कि चुनाव के दौरान कांग्रेसी अपना पोस्टर भी नहीं लगा पाते थे।