सोमवार को बांदा बहराइच हाईवे पर पश्चिम गांव चौराहे के पास हाईवे किनारे स्थित गायत्री स्तंभ को पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों ने जेसीबी की मदद से ढहा दिया। स्तंभ गिराए जाने की खबर गांव में आग की तरह फैल गई। देखते ही देखते कुछ ही समय में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। जहां उन्होंने अधिकारियों का घेराव करते हुए जमकर हंगामा किया।
अधिकारियों के घेराव की सूचना पर भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। तकरीबन चार घंटे तक हाई वोल्टेज ड्रामा चलने के बाद क्षेत्राधिकारी प्रदीप कुमार के समझाने बुझाने पर ग्रामीण शांत हुए। सोमवार को लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता यशवंत यादव व सहायक अभियंता वृषभान रामपुरिया ने जेसीबी की मदद से पश्चिम गांव चौराहे के पास रामलखन सिंह के घर के सामने स्थित गायत्री मंदिर व गायत्री पिलर को गिरवा दिया। जिससे ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया।
अधिकारियों के निकलने से पहले ही सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मंदिर पर पहुंच गए और कार्यवाही का विरोध करते हुए अवर अभियंता और सहायक अभियंता का घेराव किया। कुछ ही देर में हाईवे पर भारी भीड़ के चलते ट्रैफिक रुक गया। जिस कारण दोनों तरफ पांच किलोमीटर जाम लगा रहा। हाईवे के दोनों ओर वाहनों की कतारें लगने लगीं।
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की घेराव व रोड जाम की खबर मिलने पर बछरावां, हरचंदपुर, महाराजगंज और गुरबक्शगंज समेत चार थानों की पुलिस भारी संख्या में पहुंची। सदर नायब तहसीलदार भी मौके पर पहुंचे। बवाल बढ़ता देख पीडब्ल्यूडी के अधिकारी माफी मांगते नजर आए। वहीं, पुलिस ग्रामीणों को समझाती रही। बाद में क्षेत्राधिकारी प्रदीप कुमार ने ग्रामीणों को किसी तरह शांत किया।