डिप्टी सीएम व स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक के आदेश के बाद मंगलवार को दूसरे दिन भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने 13 अस्पतालों की सेहत को जांचा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जलालपुर धई में ताला लटका मिला तो अन्य अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल मिलीं। कहीं स्टाफ की कमी तो कहीं गंदगी का अंबार मिला। अस्पतालों के प्रभारियों और अधीक्षकों को नोटिस देकर खामियों को दूर कराने के आदेश दिए गए हैं। विभाग की ओर से शिकंजा कसे जाने के बाद मनमानी करने के वाले डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों में हड़कंप मच गया।
सोमवार को स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने एक साथ 22 सरकारी अस्पतालों में छापामारी की थी। छापामारी में 11 डॉक्टरों समेत 19 लोग गैरहाजिर मिले थे। संबंधितों का वेतन रोककर जवाब मांगा गया है। मंगलवार को भी टीमों ने अस्पतालों में पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं की जांच की। एसीएमओ डॉ. दिलीप सिंह ने मंगलवार को जलालपुर पीएचसी का निरीक्षण किया तो अस्पताल में ताला लटका मिला। डॉक्टर से लेकर स्टाफ तक गैरहाजिर मिला। गौरा सीएचसी के अधीक्षक ने जानकारी दी कि चिकित्सक छुट्टी पर गए हैं। मामले में नोटिस देकर जवाब मांगा गया। एसीएमओ ने खागीपुर सड़वा, कटघर, रसूलपुर धरावां, कसागंज, गोविंदपुर माधव अस्पतालों का निरीक्षण किया। सभी जगह स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल मिलीं।
एसीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने ऊंचाहार तहसील क्षेत्र के अस्पतालों का निरीक्षण किया। बाबूगंज, किसुनदासपुर, प्रहलादपुर, अरखा पीएचसी में तैनात स्टाफ तो मौजूद मिले, लेकिन स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल मिलीं। ऊंचाहार और जगतपुर सीएचसी के साथ ही हरदीटीकर पीएचसी में भी स्टाफ मिला, लेकिन सभी जगह गंदगी का अंबार मिला। एसीएमओ डॉ. एके चौधरी ने भी कई अस्पतालों का निरीक्षण किया। अस्पतालों में गंदगी का अंबार मिला।
मंगलवार को भी 13 से अधिक 22 अस्पतालों की जांच कराई गई। अस्पतालों में डॉक्टर और स्टाफ मौजूद मिले। गंदगी के साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं में मिली खामियों को निस्तारित कराने के लिए प्रभारियों और सीएचसी अधीक्षकों को नोटिस दिया है। जलालपुर पीएचसी के बंद मिलने पर संबंधितों का वेतन रोककर जवाब मांगा गया है।
- डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ