सीबीएसई की 12वीं कक्षा में फेल किए जाने पर बच्चों और अभिभावकों का गुस्सा थम नहीं रहा है। शुक्रवार को छात्र-छात्राओं ने अभिभावकों के साथ बीएसएस स्कूल में जमकर बवाल मचाया। स्कूल के अंदर घुसकर छात्र-छात्राओं ने जमकर तोड़फोड़ किया। स्कूल गेट पर ताला जड़ दिया। स्कूल के बाहर स्टाफ को नहीं निकलने दिया। नारेबाजी के साथ हंगामा किया। सभी ने मान्यता रद्द करके स्कूल को सील करने और प्रबंधक समेत अन्य आरोपियों को जेल भेजने की मांग की।
अखिल विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारी भी मैदान में कूदे और छात्र-छात्राओं के हक के लिए आवाज उठाई। ढाई घंटे तक विरोध प्रदर्शन होता रहा। हंगामे के दौरान एक छात्र बेहोश हो गया, जिसे अस्पताल पहुंचाया गया। अपर पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव, एडीएम प्रशासन राम अभिलाष, सिटी मजिस्ट्रेट युगराज सिंह, सीओ सदर महिपाल पाठक ने उग्र लोगों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया।
बीएसएस स्कूल में सीबीएसई की 12वीं में छात्र-छात्राओं को फेल कर दिया गया है। अभिभावक और बच्चे स्कूल प्रबंधन पर मनमानी का आरोप लगा रहे हैं। हर दिन इस मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहा है। अभिभावक और छात्र-छात्राओं में शामिल राज सिंह यादव, अंकित पाल, विनोद सिंह, अरुण वर्मा, संतोष सोनकर, अर्जुन वर्मा, विनय सिंह, अंबुज पटेल, सुनीत यादव, युवराज सिंह स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नगर महामंत्री कोमल पांडेय की अगुवाई में वैभव सिंह, आनंद सिंह, अंशू गुप्ता, विकास त्रिवेदी, प्रगति, राघवेंद्र प्रताप सिंह, उज्जवल भदौरिया की अगुवाई में छात्र-छात्राएं और अभिभावक स्कूल पहुंचकर बवाल किया। तोड़फोड़ के साथ नारेबाजी की। स्कूल गेट पर ताला जड़ दिया और स्टाफ को बाहर नहीं निकलने दिया। विरोध प्रदर्शन के दौरान एक छात्र बेहोश हो गया।
आनन-फानन में एंबुलेंस बुलाकर उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां पर वह स्वस्थ है।
बवाल की सूचना पर पुलिस के साथ ही पुलिस-प्रशासनिक अफसर पहुंच गए। मामले में कार्रवाई का भरोसा देकर सभी को शांत कराया। उधर, मामले में प्रभुटाउन निवासी संतोष कुमार सोनकर की तहरीर पर बीएसएस पब्लिक स्कूल के प्रबंधक बीएल सिंह, प्रधानाचार्य बुधराज प्रजापति, उप प्रधानाचार्य विकास सिंह के अलावा शिवम पटेल, चंदन सिंह, राजीव रंजन, अवनीश सिंह, साहिल व अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है, जिसकी पुलिस पड़ताल कर रही है।
डीएम से वार्ता करने के बाद माने छात्र-छात्राएं
भविष्य चौपट होने पर छात्र-छात्राओं में नाराजगी है। वहीं स्कूल प्रबंधन मनमानी पर उतारू है। प्रदर्शन के दौरान छात्र-छात्राओं की तरफ से पांच लोगों ने डीएम से वार्ता की। वार्ता के दौरान डीएम ने भरोसा दिलाया कि प्रकरण की जांच कराई जा रही है। मामले में केस दर्ज करा दिया गया है। मामला सही पाए जाने पर स्कूल की मान्यता रद्द करने के साथ उसे सील किया जाएगा। डीएम के इस आश्वासन के बाद छात्र-छात्राएं समेत अन्य लोगों का गुस्सा शांत हुआ।
जुबां पर गुस्सा और आंखों में आंसू
अमर उजाला से बातचीत में छात्र-छात्राओं ने अपना दर्द बताया तो उनकी जुबां पर गुस्सा था तो आंखों से आंसू टपक आए। उनका कहना था कि स्कूल प्रबंधन ने जिस तरह उनके साथ मनमानी की, उससे उनका भविष्य अंधरकार में चला गया है। हम लोग कई दिन से अपनी बात स्कूल प्रबंधन और उच्चाधिकारियों तक पहुंचा रहे हैं, लेकिन मामले में कार्रवाई नहीं की जा रही है। प्रबंधक समेत अन्य लोग मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। उन पर कार्रवाई की जाए। प्रबंधक समेत अन्य लोग जानमाल की धमकी तक दे रहे हैं।
अपर पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव ने कहा कि बीएसएस स्कूल में छात्र-छात्राओं और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियों के हंगामे की सूचना पर पहुंचकर सभी से बात की गई और डीएम से वार्ता कराकर उन्हें शांत करा दिया गया। मामले में केस दर्ज करा दिया गया है। प्रकरण की जांच चल रही है। जांच के बाद मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।