भ्रष्टाचार निवारण संगठन की लखनऊ इकाई ने शुक्रवार को पीडब्ल्यूडी मुख्यालय में तैनात लिपिक बाबूलाल को विभाग के ही बर्खास्त बाबू से 10 हजार रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। बाबूलाल को राजभवन के सामने सड़क के किनारे खड़े होकर घूस लेते पुलिस ने धर दबोचा।
उसके खिलाफ गौतमपल्ली थाने में तहरीर दी गई है। लेकिन थाने के कंप्यूटर में खराबी से केस दर्ज नहीं किया जा सका था। हालांकि गौतमपल्ली थाने के इंस्पेक्टर सत्य प्रकाश ने बताया कि उनके थाना के बजाय किसी दूसरे थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
बाबूलाल पीडब्लयूडी मुख्यालय के प्रमुख अभियंता कार्यालय में कनिष्ठ सहायक के पद पर तैनात है। वह समूह ‘ग’ के कर्मचारियों के अधिष्ठान का काम देखता है। इटावा में लोनिवि कार्यालय के वरिष्ठ सहायक पद से बर्खास्त आलोक कुमार पिछले कई महीने से अपनी चिकित्सा प्रतिपूर्ति के भुगतान के लिए बाबूलाल के पास आ रहा था।
लेकिन घूस न देने से उसका भुगतान नहीं हो रहा था। परेशान होकर आलोक ने बाबूलाल के घूस मांगे जाने की शिकायत भ्रष्टाचार निवारण संगठन से की थी। इस आधार पर ट्रैप टीम के प्रभारी डीएसपी उपेन्द्र कुमार यादव के नेतृत्व में टीम ने रणनीति बनाकर बाबूलाल को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।