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पूर्वांचल में कौन जीतेगा बाजी, केजरी मुलायम या मोदी?

Thu, 17 Apr 2014 03:59 PM IST
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ
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जिनके कंधे पर अपनी-अपनी पार्टियों की चुनावी नैया पार कराने की जिम्मेदारी है, उनकी नाव पूर्वांचल में आकर उलझ गई है।
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भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के सामने आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल, तो कांग्रेस ने विधायक अजय राय व सपा ने राज्यमंत्री कैलाश चौरसिया को उतारा है।

देश-दुनिया की निगाहों में ‘हॉटेस्ट सीट’ बनकर उभरी काशी की सियासत किस करवट बैठती है, यह देखना दिलचस्प होगा।

पूर्वांचल की सियासत को ‘मोदी बनाम मुलायम’ की शक्ल देने के लिए सपा मुखिया मैनपुरी के साथ ही आजमगढ़ सीट से भी मैदान में आ गए।

मोदी, मुलायम की कड़ी परीक्षा

आजमगढ़ में मुलायम को अपनी ही बिरादरी के मौजूदा भाजपा सांसद रमाकांत यादव और बसपा विधायक शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली से चुनौती मिल रही है।

अब यह तो वक्त ही बताएगा कि पूर्वांचल में मुलायम की रणनीति कितनी कारगर होती है। चुनाव लड़ रहे मौजूदा पांच सांसदों के अलावा वाराणसी, जौनपुर व मिर्जापुर में उनके तीन मंत्रियों का क्या हश्र होता है?

मोदी का मैजिक कितना काम करता है और केजरीवाल की सियासत को क्या दिशा मिलने वाली है?

पूर्वांचल की कुशीनगर सीट से लगातार दूसरी बार संसद में पहुंचने के लिए केंद्रीय गृह राज्यमंत्री आरपीएन सिंह मैदान में हैं तो गोरखपुर से गोरक्षपीठ के उत्तराधिकारी योगी आदित्यनाथ लगातार पांचवीं बार संसद पहुंचने को जोर लगाए हुए हैं।

ये हैं चुनावी मैदान में

गोरखपुर सीट पर गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. राधेमोहन मिश्र आप के प्रत्याशी हैं।

इसके अलावा महराजगंज से सांसद हर्षवर्धन सिंह, राबर्ट्सगंज से पकौड़ीलाल, चंदौली से राम किशुन, मछलीशहर से तूफानी सरोज, घोसी से दारा सिंह चौहान, लालगंज से डॉ. बलिराम व बांसगांव से कमलेश पासवान अपनी-अपनी पार्टियों से एक बार फिर किस्मत आजमा रहे हैं।

चुनाव के ऐन पहले सियासी समीकरण में आए अचानक बदलाव से देवरिया और डुमरियागंज जैसी सीटों की अहमियत बढ़ गई है।

देवरिया से भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कलराज मिश्र पहली बार संसदीय चुनाव में किस्मत आजमाने उतरे हैं। पार्टी ने उन्हें इलाकाई क्षत्रप और दूसरे पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही की नाराजगी को नजरअंदाज करके उतारा है।

डुमरियागंज और जौनपुर पर निगाहें

डुमरियागंज में वर्षों से कांग्रेस की राजनीति करने वाले जगदंबिका पाल ऐन चुनाव के मौके पर भाजपा प्रत्याशी बनकर आ गए हैं तो बांसी के भाजपा विधायक जय प्रताप सिंह की पत्नी वसुंधरा कुमारी कांग्रेस से मैदान में हैं।

विधानसभा अध्यक्ष रहते हुए माता प्रसाद पांडेय सपा से किस्मत आजमा रहे हैं। यहां का चुनाव खासा दिलचस्प हो गया है।

दिलचस्प नजारा जौनपुर में भी है। यहां नौकरानी हत्याकांड में नामजद मौजूदा बसपा सांसद धनंजय सिंह का टिकट काटकर बसपा ने पूर्व मंत्री सुभाष पांडेय को उतारा तो कांग्रेस से भोजपुरी सिने स्टार रवि किशन व सपा से उद्यान मंत्री पारसनाथ यादव प्रत्याशी हैं।

कोर्ट से अंतरिम जमानत हासिल कर धनंजय भी मैदान में दस्तक दे सकते हैं हैं।

बलिया और गाजीपुर का में नये प्रयोग

पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के पुत्र नीरज शेखर सपा से हैट्रिक लगाने का सपना लेकर एक बार फिर बागी बलिया के मैदान में हैं।

बसपा ने पूर्व पीएम चंद्रशेखर के पोते रविशंकर सिंह उर्फ पप्पू को सलेमपुर के मौजूदा सांसद रमाशंकर राजभर का टिकट काटकर मौका दिया है। देखना होगा कि पूर्व प्रधानमंत्री के परिवार का यह सियासी प्रयोग सफल होता है या नहीं।

गाजीपुर सीट इस मायने में खास हो गई है क्योंकि सपा ने अपने मौजूदा सांसद राधेमोहन सिंह का टिकट काटकर एनआरएचएम घोटाले के आरोपी पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा की पत्नी शिवकन्या कुशवाहा पर दांव लगाया है।

यहां बसपा से पूर्व सांसद कैलाश नाथ सिंह यादव व भाजपा से मनोज सिन्हा जैसे प्रत्याशी सामने हैं।

दो विधायक व एक मंत्री आमने-सामने

मिर्जापुर सीट पर दो मौजूदा विधायक आमने-सामने हैं। भाजपा ने प्रदेश में कुर्मी वोटों को सहेजने के लिए अपना दल को जो दो सीटें समझौते में दी हैं उनमें यह सीट भी शामिल है।

यहां से भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह अपने पुत्र के लिए टिकट चाहते थे लेकिन उनकी नाराजगी को नजरअंदाज कर यह सीट अपना दल को दे दी गई।

अपना दल की महासचिव अनुप्रिया पटेल एनडीए प्रत्याशी के रूप में मैदान में हैं।

उनके सामने कांग्रेस ने पार्टी के दिग्गज नेता रहे पूर्व मुख्यमंत्री कमलापति त्रिपाठी के पौत्र विधायक ललितेश पति त्रिपाठी को आजमाया है तो सपा ने लोक निर्माण राज्यमंत्री सुरेंद्र पटेल को टिकट दिया है।

15 वीं लोकसभा की तस्वीर

डुमरियागंज-जगदंबिका पाल-कांग्रेस
महराजगंज-हर्षवर्धन-कांग्रेस

गोरखपुर-योगी आदित्यनाथ-भाजपा
कुशीनगर-आरपीएन सिंह-कांग्रेस

देवरिया-गोरख प्रसाद जायसवाल-बसपा
बांसगांव-कमलेश पासवान-भाजपा
लालगंज-डा. बलिराम-बसपा

आजमगढ़-रमाकांत यादव-भाजपा
घोसी-दारा सिंह चौहान-बसपा

ये भी जीते पिछली बार

सलेमपुर-रमाशंकर राजभर-बसपा
बलिया-नीरज शेखर-सपा
जौनपुर-धनंजय सिंह-बसपा

मछलीशहर-तूफानी सरोज-सपा
गाजीपुर-राधेमोहन सिंह-सपा

चंदौली-रामकिशुन-सपा
वाराणसी-डॉ. मुरली मनोहर जोशी-भाजपा

मिर्जापुर-बाल कुमार पटेल-सपा
राबर्ट्सगंज-पकौड़ी लाल-सपा
कुल:18, सपा-6, बसपा-5, भाजपा-4, कांग्रेस-3

इन पर रहेगी सभी की नजर

नरेंद्र मोदी (भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार)
अरविंद केजरीवाल (दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री)

मुलायम सिंह यादव (सपा मुखिया)
आरपीएन सिंह (केंद्रीय गृह राज्यमंत्री)

योगी आदित्यनाथ (गोरक्षपीठ के उत्तराधिकारी)
माता प्रसाद पांडेय (विधानसभा अध्यक्ष)

कलराज मिश्र (भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष)
रवि किशन (भोजपुरी स्टार)
रमाकांत यादव (दबंग सांसद)

इनके भाग्य का भी फैसला

नीरज शेखर (पूर्व सांसद चंद्रशेखर के पुत्र)
रविशंकर सिंह उर्फ पप्पू (पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के पोते)

धनंजय सिंह (नौकरानी हत्याकांड के आरोपी)
पारसनाथ यादव (उद्यान मंत्री)

कैलाश चौरसिया (बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री)
शिवकन्या कुशवाहा (पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा की पत्नी)

अनुप्रिया पटेल (अपना दल की महासचिव)
सुरेंद्र पटेल (लोक निर्माण राज्यमंत्री)
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ये हुए 'पूर्वांचल रण' से बाहर

डॉ. मुरली मनोहर जोशी, भाजपा सांसद वाराणसी (कानपुर गए)
राधे मोहन सिंह, सपा सांसद गाजीपुर

गोरख प्रसाद जायसवाल, बसपा सांसद देवरिया

रमाशंकर राजभर, बसपा सांसद सलेमपुर
बाल कुमार पटेल, सपा सांसद मिर्जापुर
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