340.824 किलोमीटर लंबा पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे लखनऊ-सुल्तानपुर रोड (एनएच-731) पर स्थित ग्राम चांद सराय (लखनऊ) से प्रारंभ होकर यूपी-बिहार सीमा से 18 किमी पहले राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-31 पर स्थित ग्राम हैदरिया (गाजीपुर) पर खत्म होता है।
देश के सबसे बड़े पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर टोल टैक्स लगाने की तैयारी चल रही है। इसके लिए इंदौर की फर्म का चयन कर लिया गया है। इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है। कैबिनेट की मंजूरी मिलने बाद इसे लागू कर दिया जाएगा।
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340.824 किलोमीटर लंबा पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे लखनऊ-सुल्तानपुर रोड (एनएच-731) पर स्थित ग्राम चांद सराय (लखनऊ) से प्रारंभ होकर यूपी-बिहार सीमा से 18 किमी पहले राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-31 पर स्थित ग्राम हैदरिया (गाजीपुर) पर खत्म होता है। वर्तमान में एक्सप्रेस-वे छह लेन चौड़ा है, जिसे आठ लेन तक विस्तार दिया जा सकता है। इसका उद्घाटन विधानसभा चुनाव से पीएम नरेंद्र मोदी ने किया था, लेकिन अभी तक इस पर टोल टैक्स नहीं लगाया गया है।
चुनाव से पहले ही यूपीडा ने टोल टैक्स वसूली के लिए बिड आमंत्रित की थीं। सबसे कम रेट देने वाली प्रकाश एस्फाल्टिंग एंड टोल हाईवेज (इंडिया) लिमिटेड का चयन कर लिया गया है। इस कंपनी का रजिस्टर्ड दफ्तर इंदौर (मध्य प्रदेश) में है। इस बारे में संपर्क किए जाने पर अपर मुख्य सचिव औद्योगिक विकास अरविंद कुमार ने बताया कि एक्सप्रेस-वे पर टोल की दरों के लिए पहले ही एक नियमावली है। इस नियमावली के अनुसार ही पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर भी टोल की दरें निर्धारित होंगी।