कॉमर्शियल रन से पहले लखनऊ मेट्रो ने स्टेशनों पर कानून-व्यवस्था और साफ-सुथरा माहौल बनाए रखने के लिए नियम तोड़ने वालों पर सजा के प्रावधान कर दिए हैं। ट्रैक या ट्रेन को नुकसान पहुंचाने या उड़ाने की साजिश करने वालों को आजीवन कारावास से लेकर मौत की सजा तक का प्रावधान किया गया है।
वहीं ट्रैक बाधित कर प्रदर्शन करने वालों को चार साल जेल या 5000 रुपये जुर्माना या दोनों सजा हो सकती है। मेट्रो के अफसरों का कहना है कि लखनऊ मेट्रो को विश्वस्तरीय बनाए रखने और बेहतर सेवाएं देने केलिए नियम-कायदे लागू किए गए हैं। मेट्रो के ऑपरेशन और मैनेजमेंट केलिए किसी व्यक्ति पर लगने वाले प्रतिबंध और उनको तोड़ने पर सजा के प्रावधान तय कर लिए गए हैं। नियम तोड़ने से रोकने और ऐसा करने वालों की निगरानी केलिए मेट्रो अपने इंजीनियरों और अफसरों को जिम्मेदारी सौंपेगा। इसके लिए निरीक्षकों की टीम भी बनाई गई है। हर स्टेशन पर जरूरत के मुताबिक एक से दो निरीक्षक मौजूद रहेंगे।
देखें, किस अपराध के लिए क्या है सजा
लखनऊ मेट्रो
- फोटो : amar ujala
बेटिकट पकड़े गए तो एक साल की हो सकती है जेल
अपराध सजा
मेट्रो का संचालन बाधित करना चार साल तक जेल या 5000 रुपये जुर्माना, या फिर दोनों
नशे की हालत में घुसना, उपद्रव 500 रुपये जुर्माना, पास या टिकट जब्त
प्रतिबंधित सामान ले जाना 500 रुपये जुर्माना
खतरनाक सामान ले जाना चार साल तक जेल या 5000 रु पये जुर्माना या दोनों
अवैध तरीके से घुसना तीन महीने जेल या 250 रुपये जुर्माना या फिर दोनों
अवैध वेंडिंग छह महीने तक जेल, 500 रुपये जुर्माना या फिर दोनों
अवैध तरीके से टिकट बेचना तीन महीने तक जेल, 500 रुपये जुर्माना या दोनों
मेट्रो कर्मियों को ड्यूटी से रोकना एक साल तक जेल, 1000 रुपये जुर्माना या फिर दोनों
बिना टिकट यात्रा एक साल तक जेल या 50 रुपये जुर्माना और यात्रा का टिकट या फिर दोनों
पास या टिकट के साथ छेड़छाड़ छह महीने तक जेल
अलार्म को बेवजह बजाना एक साल तक जेल, 1000 रुपये जुर्माना या फिर दोनों
ट्रेन या ट्रैक को नुकसान पहुंचाना आजीवन कारावास या 10 साल की सश्रम जेल या मौत की सजा
मेट्रो की संपत्ति को नुकसान 10 साल की जेल
मेट्रो परिसर को सुरक्षित और यात्री फ्रेंडली बनाने के लिए सजा तय की गई हैं। स्थानीय पुलिस की मदद से इन सजा के प्रावधान से नियम तोड़ने वालों से निबटा जाएगा। सभी स्टेशनों पर मेट्रो के खुद के निरीक्षक भी मौजूद रहेंगे। वहीं स्टेशनों पर इन सजा की सूचना भी दी जाएगी। - अमित कुमार श्रीवास्तव, पीआरओ, लखनऊ मेट्रो