लोनीकटरा से दवा हैदरगढ़ की पीआरवी 1697 को दी जिसने अमेठी के शिवरतनगंज थाना के हजारीगंज बाॅर्डर पर पीआरवी 2796 तक पैकेट पहुंचाया गया। यहां से पीआरवी दवा लेकर 15 किलोमीटर दूर कमरौली थाना क्षेत्र पहुंची।
यहां से पीआरवी 2790 ने दवा का पैकेट जगदीशपुर बार्डर पर पीआरवी 2786 को सौंपा। इसके बाद दवाएं सुल्तानपुर जनपद के बार्डर पर स्थित बल्दीराय थाना की पीआरवी 2845 तक पहुंचाई गईं।
उक्त पीआरवी ने रात करीब आठ बजे 150 किलोमीटर दूर से आई दवा का पैकेट सोरांव के परसीतारा गांव में अनुराग के चाचा मुरलीधर पांडेय को सौंपा।
अलीगंज के सेक्टर-सी निवासी महिला को लॉकडाउन के दौरान बच्चा पैदा हुआ। उसके पति बाहर फंसे हैं। नवजात शिशु के लिए घर में कोई कपड़ा नहीं था। तौलिया लपेटकर वह काम चला रही थी।
उसने एडीसीपी मध्य चिरंजीव नाथ सिन्हा का मोबाइल नंबर पति को भेजा। पति ने एडीसीपी को समस्या बताई। उन्होंने महिला थाने की अतिरिक्त इंस्पेक्टर नीलम राना को महिला का मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया। इंस्पेक्टर नीलम राना ने किसी परिचित की दुकान से कपड़ों का इंतजाम कर उसके घर पहुंचाए उसने नीलम राना को धन्यवाद दिया।
लॉकडाउन में पुलिस न सिर्फ अपनी ड्यूटी निभा रही है बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी निभा रही है। ऐसा ही वाक्या सुशांत गोल्फ सिटी स्थित सेलिब्रेटी ग्रीन अपार्टमेंट में हुआ, जब वहां की एक महिला सुनैना सिंह की दवा खत्म हो गई।
उसने ऑनलाइन बुकिंग की थी, लेकिन दवा नहीं मिली। महिला ने प्रभारी निरीक्षक अजय सिंह को कॉल कर गुहार लगाई। प्रभारी निरीक्षक ने सिपाही से झलकारी बाई अस्पताल के पास से दवा मंगाई और महिला को दी। महिला का पति नौसेना में तैनात है। वह घर पर अकेली रहती है।