समिति ने विश्वविद्यालय परिसरों की सुरक्षा ऑडिट कराने की सिफारिश की है। इसमें सुरक्षा व्यवस्था की कमियों को चिह्नित कर और मानक तय कर उसे मजबूत बनाने की बात कही गई है। संवेदनशील विवि के सुरक्षा मानक डीएम-एसपी के स्तर से तय होंगे। इसके लिए जिला, पुलिस व विवि प्रशासन बैठक कर सुरक्षा के मानक तय करेंगे। सुरक्षा मानक का अनुमोदन डीजीपी के स्तर से होगा। सुरक्षा मानक के तहत सभी तय स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
आने-जाने की बनेगी समय सारिणी
समिति ने विश्वविद्यालय में अनुशासन व पढ़ाई का माहौल बनाने के लिए कैंपस में आने-जाने की स्पष्ट व्यवस्था बनाने की संस्तुति की है। समिति ने कहा है कि विवि में कई द्वार होने पर प्रवेश व निकास के लिए द्वार चिह्नित करना होगा। साथ ही प्रवेश व निकास की समयसारिणी और प्रवेश के संबंध में दिशा-निर्देश तय होंगे। इसकी जानकारी विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों, सुरक्षा एजेंसियों व सुरक्षा गार्डों को दी जाएगी और इसका पालन कराया जाएगा।
विद्यार्थियों-कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान का बनाएं तंत्र
समिति ने माना है कि विद्यार्थियों व कर्मचारियों की शिकायतों का तात्कालिक निराकरण न होने से गंभीर दुष्परिणाम होने की आशंका रहती है। ऐसे में विश्वविद्यालयों व शैक्षणिक संस्थाओं में शिकायत निवारण प्रणाली लागू की जाए। इसमें विद्यार्थियों व कर्मचारियों शिकायतों का तत्काल निराकरण किया जाए।
समिति ने माना है कि शैक्षणिक संस्थाओं के विद्यार्थियों में मादक द्रव्यों का सेवन एक चुनौती है। सुरक्षा मानकों के तहत विश्वविद्यालयों व अन्य शैक्षणिक संस्थानों में मादक द्रव्यों की आपूर्ति हर हाल में रोकने की संस्तुति की है। इसके लिए जागरूकता अभियान भी चलाने को कहा गया है।
अन्य महत्वपूर्ण सिफारिशें
- विश्वविद्यालय परिसर में एक सप्ताह के अंतराल पर चौकी इंचार्ज/एसओ के साथ बैठक होगी।
- 15 दिन के अंतराल पर सीओ व एसडीएम के साथ बैठक।
- एक माह के अंतराल पर एसएसपी/ पुलिस अधीक्षक के स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा।
- तीन माह के अंतराल पर डीएम-एसएसपी के साथ समीक्षा बैठक होगी।
- समन्वय समिति की नियमित अंतराल पर बैठकें होंगी और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक सुझाव दिए जाएंगे।
- विश्वविद्यालय में पंजीकृत विद्यार्थियों, कर्मचारियों व शिक्षकों के लिए सुरक्षा व्यवस्था विवि प्रशासन सुनिश्चित कराएगा।
- अनधिकृत रूप से विवि परिसर में प्रवेश करने अथवा अशांति का वातावरण उत्पन्न करने के लिए उत्तरदायी लोगों पर पुलिस कार्रवाई करेगी।