फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी सरकार के खिलाफ जव्वाद का हल्ला बोल

Tue, 28 Jul 2015 02:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन को हटाने व गठित बोर्ड की सीबीआई जांच की मांग में प्रदर्शन को निकले मौलाना कल्बे जव्वाद को सोमवार को उनके करीब 1200 समर्थकों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। इससे उग्र हुए समर्थकों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हजरतगंज शाही मस्जिद और कैसरबाग चौराहे लाठीचार्ज किया और प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा। इसमें कुछ प्रदर्शनकारियों को हल्की चोटें भी आईं।
विज्ञापन


गिरफ्तारी पर मौलाना जव्वाद ने चेतावनी दी कि प्रदेश सरकार और प्रशासन जितनी भी कोशिश कर ले, वह अपनी मांग को लेकर अड़े रहेंगे। जब तक शिया वक्फ बोर्ड से वक्फ चोर नहीं हटाए जाते उनका विरोध जारी रहेगा।

कैसरबाग बसअड्डे से गिरफ्तारी के बाद मौलाना जव्वाद और उनके समर्थकों को आठ बसों में भरकर गोसाईंगंज, मोहनलालगंज, बंथरा सहित अलग-अलग थानों में भेजा गया। एसएसपी राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि जव्वाद और उनके कई समर्थकों को बांड भराकर छोड़ दिया गया है जबकि शकील शम्सी, नबी और गुलशन सहित 33 प्रदर्शनकारियों को जेल भेज दिया गया है।
विज्ञापन


पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत मौलाना जव्वाद के समर्थक सोमवार सुबह दस बजे से हजरतगंज स्थित शाही मस्जिद की ओर कूच करने लगे थे। हालांकि शाही मस्जिद की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर पुलिस की जबर्दस्त नाकाबंदी की थी। इससे मस्जिद पहुंचने से पहले ही पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोका  और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। ये सिलसिला दोपहर तक चलता रहा। हालांकि इस दौरान मौलाना जव्वाद समर्थक हजरतगंज के आसपास जमा रहे।

नाकाबंदी तोड़, रास्ता बदल-बदल निकले मौलाना

पुलिस के पहरे के बावजूद समर्थकों के साथ मौलाना कल्बे जव्वाद ने दोपहर 12 बजे के बाद जौहरी मोहल्ला स्थित अपने आवास से शाही मस्जिद के लिए कूच किया। मौलाना समर्थक बार-बार रास्ता बदलते हुए  मेडिकल कॉलेज से सुलतानुल मदारिस होते हुए सिटी स्टेशन के रास्ते हजरतगंज शाही मस्जिद की ओर बढ़ने की कोशिश करने लगे।

हालांकि पुलिस ने मौलाना व उनके समर्थकों को गोलागंज से बढ़ते ही कैसरबाग बसअड्डा चौराहे पर घेर लिया। इस दौरान मौलाना कल्बे जव्वाद के समर्थक ‘या हुसैन या हुसैन’ के साथ मातम करते हुए बसों के अंदर और ऊपर  सवार हो गए  और उग्र प्रदर्शन करने लगे। मौलाना और समर्थकों को कैसरबाग  पर गिरफ्तार कर गोसाईंगंज थाना रवाना कर दिया गया।

सरकार को चेताया, अब नहीं थमेगा विरोध
मौलाना जव्वाद को दोपहर करीब दो बजे गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद करीब डेढ़ घंटे तक जव्वाद के समर्थक उन्हें घेरे रहे। इस दौरान मौलाना जव्वाद ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार शिया समुदाय की भावनाओं को बार-बार ठेस पहुंचा रही है। मौलाना ने कहा कि सरकार समझ ले कि यह विरोध अब थमेगा नहीं। मौलाना ने कहा कि सरकार चंद मुसलमानों के ठेकेदारों के हाथों अपना मुस्तकबिल खराब कर रही है।

उग्र समर्थकों पर बरसाईं लाठियां

मौलाना जव्वाद की गिरफ्तारी के बाद प्रदर्शनकारी कैसरबाग  बसअड्डे पर हंगामा करने लगे। उन्हें नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। लाठीचार्ज के दौरान मौलाना समर्थकों को हल्की चोटें भी आई।

कल्बे जव्वाद की गिरफ्तारी की खबर हजरतगंज में प्रदशर्नकारियों तक पहुंची तो वहां भी उग्र प्रदर्शन होने लगे। इससे वहां भी पुलिस लाठीचार्ज कर प्रदशर्नकारियों को खदेड़ा। वहीं इसके पूर्व सैकड़ों समर्थकों को गिरफ्तार कर आधा दर्जन बसों से विभिन्न इलाकों में छोड़ा गया।

शहीद स्मारक, जनपथ से भी गिरफ्तारी
मौलाना जव्वाद के प्रदर्शन के आह्वान पर हजरतगंज जा रहे मौलाना मूसी रजा आर मौलाना ऐतेशाम को उनके समर्थकों के साथ हजरतगंज जनपथ से गिरफ्तार कर लिया। शहीद स्मारक पहुंचे मौलाना समर्थकों को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर बसों पर सवार कर दिया।

इसी तरह डालीगंज में भी मौलाना समर्थकों को खदेड़ा और गिरफ्तार किया गया। वहीं, छोटे व बड़े इमामबाड़े से भी मौलाना कल्बे जव्वाद के समर्थकों का आगे बढ़ने से रोका गया।
विज्ञापन

बसों के पीछे मातम करती चलती रही भीड़

मौलाना जव्वाद को गिरफ़्तार करने पर विरोध प्रदर्शन में महिलाएं भी खासी तादाद थी। समर्थकों ने या हुसैन की सदा लगाते हुए सीना पीटकर मातम किया।

दोपहर करीब साढ़े तीन बजे जव्वाद और उनके समर्थकों को बस से कैसरबाग कोतवाली होते हुए हुसैनगंज चौराहा से मोहनलालगंज कोतवाली ले जाया गया। इस दौरान हुसैनगंज चौराहा तक जव्वाद के समर्थक बसों के पीछे-पीछे पैदल चलते रहे।

दवा लेने निकली महिला को किया गिरफ्तार
झलकारी बाई सिविल अस्पताल से मरीज की दवा लेने निकली एक नकाबपोश महिला को पुलिस ने मौलाना समर्थक समझ शाही मस्जिद पर गिरफ्तार कर लिया और प्रदर्शनकारियों के साथ बस में बैठा दिया।

इस पर महिला रोने लगी और अपने मरीज के बारे में बताया। इस पर भी पुलिस नहीं मानी। बाद में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से महिला को उनसे अलग बताया तो पुलिस ने उसे जाने दिया।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें