पीएफ घोटाले के विरोध में बिजलीकर्मियों व अभियंताओं ने मंगलवार को राजधानी समेत पूरे प्रदेश में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि पावर सेक्टर इम्पलाइज ट्रस्ट में जमा धनराशि के भुगतान की जिम्मेदारी सरकार ले और घोटाले के दोषी पावर कार्पोरेशन के चेयरमैन को तत्काल हटाकर उन्हें गिरफ्तार किया जाए, जिससे मामले की निष्पक्ष जांच हो सके। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उप्र ने एलान किया है कि प्रदेशव्यापी विरोध सभाओं का क्रम बुधवार को भी जारी रहेगा।
राजधानी में शक्ति भवन स्थित पावर कार्पोरेशन मुख्यालय पर बड़ी संख्या में बिजली कर्मचारी व अभियंता प्रदर्शन में शामिल हुए। दफ्तरों में सन्नाटा पसरा रहा। सभा को संबोधित करते हुए संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने सारे प्रकरण की सीबीआई जांच के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। मांग की कि चेयरमैन ट्रस्ट के भी अध्यक्ष हैं इसलिए उनके पद पर रहते हुए साक्ष्यों से छेड़छाड़ की संभावना है।
गौरतलब है कि ट्रस्ट के माध्यम से कर्मचारियों के जीपीएफ व सीपीएफ की धनरशि गैरकानूनी ढंग से अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक की सूची में न आने वाले डीएचएफएल में निवेश की गई जिसकी जिम्मेदारी पावर कार्पोरेशन व ट्रस्ट के चेयरमैन की होती है। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि डीएचएफएल में निवेश करना ही गलत था। यह निवेश एफडी में किया गया जो और भी असुरक्षित था।