मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के बाहर प्रदर्शन करते उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन निविदा संविदा कर्
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन की मानक समिति की रिपोर्ट आने से पहले ही वर्टिकल व्यवस्था के नाम पर मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने लखनऊ में 340 और अयोध्या में 51 आउटसोर्स कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया। इसके विरोध में बुधवार सुबह 11 बजे उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन निविदा / संविदा कर्मचारी संघ ने मध्यांचल निगम मुख्यालय के गेट पर प्रदर्शन किया। मध्यांचल निगम के निदेशक ने आश्वासन दिया कि मानक समिति की रिपोर्ट आने के बाद निकाले गए कर्मचारियों की बहाली की जाएगी। इसके अलावा पावर कॉर्पोरेशन के एमडी पंकज कुमार 15 अप्रैल को कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों से छंटनी के मुद्दे पर बातचीत करेंगे।
कर्मचारी संघ की मांगें
कर्मचारी संघ ने आरोप लगाया कि प्रबंध निदेशक की तरफ से पावर कॉर्पोरेशन के 15 मई 2017 और मध्यांचल प्रबंधन के 6 फरवरी 2025 के आदेशों का उल्लंघन किया जा रहा है। संघ की ओर से हटाए गए कर्मचारियों की बहाली की मांग की है। साथ ही 11 सूत्रीय मांग पत्र की समस्याओं का समाधान करने की मांग की गई है।
25,000 कर्मियों को निकाला
संघ के प्रदेश महामंत्री, देवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन और अन्य ऊर्जा निगमों ने आदेश का उल्लंघन कर, 55 वर्ष की आयु का हवाला देते हुए प्रदेश भर में लगभग 25,000 बिजली आउटसोर्स कर्मचारियों की छंटनी कर दी। संघ इस छंटनी का कड़ा विरोध कर रहा है। कहा कि हटाए गए कर्मचारियों को जब तक कार्य पर वापस नहीं लिया जाएगा आंदोलन चलता रहेगा।
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के बाहर प्रदर्शन करते उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन निविदा संविदा कर्