आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन बिल यदि संसद में पेश किया गया तो प्रदेश के 18 लाख कर्मचारी, शिक्षक व अधिकारी हड़ताल पर चले जाएंगे। सर्वजन हिताय संरक्षण समिति उप्र ने यह चेतावनी दी। समिति के आह्वान पर गुरुवार को राजधानी में प्रमोशन में आरक्षण के विरोध में रैली निकाली गई। परिवर्तन चौक से शुरू हुई रैली हजरतगंज होते हुए जीपीओ स्थित गांधी प्रतिमा पर पहुंची। वहां एक सभा हुई।
सभा में प्रस्ताव पास करते हुए चेतावनी दी गई कि यदि केंद्र सरकार ने पदोन्नति में आरक्षण लागू करने के लिए 117 वां संविधान संशोधन बिल पारित कराने की कोशिश की तो बिना किसी नोटिस के कर्मचारी बेमियादी हड़ताल पर चले जाएंगे।
इसकी सारी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी। यह कहा गया कि आगामी चुनाव में केंद्र व राज्य सरकारों के लगभग चार करोड़ कर्मचारी व शिक्षक वोट की इस राजनीति का वोट से ही करारा जवाब देंगे।
वोट की राजनीति के कारण ही सुप्रीम कोर्ट के फैसले को निष्प्रभावी करने की कोशिशें हो रही हैं। इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रस्ताव में यह भी कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला लागू करना एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है लेकिन इसकी आड़ में कुछ केंद्रीय मंत्री व सांसद घृणित राजनीति कर रहे हैं। कोर्ट के निर्णय से सभी को अवगत कराने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा। सांसदों व विधायकों को ज्ञापन दिए जाएंगे।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर होगी रैली
अखिल भारतीय समानता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष एम नागराज ने प्रमोशन में आरक्षण के विरोध में राष्ट्रव्यापी आंदोलन चलाने के साथ ही दिल्ली में जंतर मंतर पर रैली का एलान किया। इसका सभी ने ताली बजाकर स्वागत किया।
इसकी तारीख अन्य प्रांतों के पदाधिकारियों से बात करके तय की जाएगी। इससे शैलेन्द्र दुबे ने सभा में जितने प्रस्ताव रखे उसे सभी ने पारित कर दिया। प्रस्ताव के अनुसार प्रदेश के 18 लाख कर्मचारी लाइटनिंग काल पर किसी भी समय काम ठप करने को तैयार हैं।
पीएम, सीएम सहित प्रमुख नेताओं को भेजेंगे प्रस्ताव
गुरुवार को पारित प्रस्ताव की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री मोदी, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, सभी केंद्रीय मंत्रियों, लोकसभा व राज्यसभा के सभी सांसदों एवं दलों के अध्यक्षों को भेजा जाएगा।
रैली का नेतृत्व अखिल भारतीय समानता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष एम नागराज ने किया। समिति के अध्यक्ष शैलेन्द्र दुबे के अलावा अख्तर अली फारूकी, आरके सिंह, एचएन पांडेय, डीसी दीक्षित, कायम रजा रिजवी, रामराज दुबे, राजीव श्रीवास्तव, कमलेश मिश्र, आरपी उपाध्याय, वाईएन उपाध्याय, अजय सिंह, पवन सिंह, डॉ. मौलेन्दु मिश्र, बसंत प्रसाद मिश्र, अजय तिवारी, देवेन्द्र द्विवेदी, पीके सिंह व तमाम अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे।