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नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन का एक महीना पूरा, अभी भी कायम है उत्साह

Mon, 17 Feb 2020 02:08 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन करती महिलाएं। - फोटो : amar ujala
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नागरिकता संशोधन कानून व एनआरसी के विरोध में हुसैनाबाद घंटाघर पर रविवार को महिलाओं के प्रदर्शन को 30 दिन हो गए। इसके बाद भी महिलाएं डटी हुई हैं। घंटाघर पर गत 17 जनवरी को महिलाओं ने प्रदर्शन शुरू किया था। रविवार को भी यहां देशभक्ति गीत के बीच नो सीएए, नो एनआरसी जैसे नारे गूंजते रहे।

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प्रदर्शन के 30 वें दिन रविवार को घंटाघर पर महिलाओं का समर्थन करने भगत सिंह के नाम से सोशल मीडिया पर मशहूर दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र हरजीत सिंह पहुंचे।

इसके अलावा शायर सुफियान प्रतापगढ़ी, अलीगढ़ मुस्लिम विवि छात्रसंघ के सचिव हुजैफा रशादी, जमाते इस्लामी हिन्द के राष्ट्रीय महासचिव मलिक मोहतशिम खान, स्टूडेंट इस्लामिक आर्गेनाइजेशन के महासचिव सैयद अजहरुददीन, जामिया के छात्र नेता आसिफ इकबाल भी पहुंचे। उधर गोमतीनगर के उजरियांव में भी प्रदर्शन जारी रहा।

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चंद महिलाओं की शुरुआत बन गया एक बड़ा आंदोलन

सीएए और एनआरसी के विरोध में चंद महिलाओं के साथ घंटाघर पहुंचने वाली कौसर की पहल महिलाओं का आंदोलन बन गई।

चार पांच महिलाओं के साथ उनके घंटाघर पहुंचने के बाद इलाके से शबी फातिमा, रुखसाना जिया, इरम नकवी, फौजिया के साथ कुछ महिलाएं भी यहां पहुंची थीं।

देखते देखते महिलाओं का हुजूम उमड़ना शुरू हो गया। लगातार सामाजिक कार्यकर्ता भी शामिल होते रहे।
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