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घंटाघर पर मास्क लगाकर चलता रहा प्रदर्शन

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जनता कर्फ्यू में भी घंटाघर पर चलता रहा सीएए का विरोध, मास्क लगाया, बनाई दूरी
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लखनऊ। प्रधानमंत्री मोदी की ओर से रविवार को जनता कर्फ्यू घोषित किए जाने के बाद भी घंटाघर पर सीएए के खिलाफ महिलाएं प्रदर्शन करती रहीं।
हालांकि कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए महिलाओं ने मास्क लगाकर प्रदर्शन किया। वहीं सतर्कता बरतते हुए एक दूसरे से उचित दूरी भी बनाएं रहीं।
धरने में शामिल इरम रिजवी ने कहा कि हम कोरोना से बचाव के नियमों का पालन कर रहे हैं। सरकार इससे बचने के तरीके तो बता रही है, लेकिन बचाव के संसाधन नहीं उपलब्ध करा रही है।
अगर सरकार कोरोना को लेकर वाकई गंभीर है तो सीएए को फौरन वापस ले। एनपीआर और एनआरसी लागू न करने का आश्वासन दे। लोगों पर जितने मुकदमे हुए हैं उन्हें तत्काल वापस ले।
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वरना हम समझेंगे कि सरकार को देशभर के प्रदर्शनकारियों से कोई हमदर्दी नहीं है। सरकार कोरोना की आड़ में किसी भी तरह से प्रदर्शन को खत्म कराना चाहती है। इसके लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रही है।
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शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे सादिक ने की धरना स्थगित करने की अपील
लखनऊ। शिया धर्मगुरु मौलाना डॉ. कल्बे सादिक ने सीएए और एनआरसी के विरोध में घंटाघर पर बैठी महिलाओं से धरना स्थगित करने की अपील की है। एरा मेडिकल कॉलेज के पेंट हाउस में रह रहे मौलाना ने कहा है कि देश में कोरोना वायरस संक्रमण से उपजे हालात के मद्दे नजर धरने को स्थगित कर दें। जैसे ही कोरोना खत्म हो जाए, महिलाएं फिर से धरना कायम करें। साथ में केजीएमयू के डॉ कौसर उस्मान ने भी अपील की है। उन्होंने कहा कि कोरोना का कोई इलाज नहीं है, कुछ एहतियात करके इस बीमारी से बचा जा सकता है। नाजुक हालात को देखते हुए महिलाएं फिलहाल धरना स्थगित कर दें हालात सामान्य होने पर फिर से धरना शुरू कर लें।
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