दुनिया भर की तमाम दौलत खर्च करके शौकीन भले ही कई मुल्क घूम
लें, लेकिन ऐसे नजारों दुर्लभ ही होंगे, जो लखनऊ कैमरा क्लब के लगभग एक
घंटे के कार्यक्रम के दौरान दिखे।
कैमरे के पारखी शौकीनों के सामने जब करीब
500 दुलर्भ तस्वीरें उतरीं तो वे भी टकटकी लगाए लोग देखते रह गए।
विश्व
फोटोग्राफी दिवस के मौके पर लखनऊ कैमरा क्लब की ओर से आयोजित समारोह में
दर्जनों फोटोग्राफरों की कला के कायल भी खूब मिले।
उप्र हिंदी संस्थान में
मंगलवार शाम को हुए आयोजन के मुख्य अतिथि संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष उदय
प्रताप सिंह रहे।
उन्होंने कहा कि पहले
कवि शब्द चित्र बनाते थे, अब यह काम कैमरा करता है। यह हमारे हर दुख-सुख के
शब्दों की जरूरत है।
घंटे भर तक चले डिजिटल स्लाइड शो में लखनऊ कैमरा क्लब
और फेडरेशन आफ इंडियन फोटोग्राफी की ओर से बीते दिनों हुई प्रदर्शनी में
शामिल लगभग 500 कृतियां 4 कैटेगरी में दिखाई गई।
इनमें वन विभाग के वरिष्ठ
अधिकारी शहर के डॉ. रूपक डे की कृतियां भी रहीं। लंदन की लांगलिट सफारी की
एक तस्वीर फेसेज, द मास्क सराही गई।