कैफी आजमी अमन पसंद इंसान थे। यह उनकी शायरी में भी नजर आता है। उनके दिल
में जो बात होती थी, वही जुबां और अमल में होती थी।
वे खुद ही अक्स थे और
खुद ही आईना भी। ये बातें स्टार राइजिंग वेलफेयर फाउंडेशन की ओर से प्रेस
क्लब में ‘कैफी आजमी : शख्स और शायरी’ विषय पर आयोजित सेमिनार में वक्ताओं
ने कहीं।
मौलाना इसराइल नदवी ने कहा कि कैफी आजमी को शायरी विरासत में मिली
थी। बहुत मुश्किल हालात में भी उन्होंने अपना शायरी -प्रेम बरकरार रखा।
सलमा हिजाब ने कहा कि औरतों का तरक्की पसंद नजरिया कैफी आजमी ने प्रस्तुत
किया, जो कम शायर ही दिखाते हैं।
वसीउल्ला ने कहा कि कैफी की कथनी और करनी
में अंतर कर पाना नामुमकिन है। सेमिनार की अध्यक्षता डॉ. मलिकजादा मंजूर और
संचालन डॉ. मखमूद काकोरवी ने किया।
सेमिनार में डॉ. सीमा सिद्दीकी, डॉ.
इशरत नाहिद, अफसर जहां, रूबीना, नसरीन फातिमा, मो. दानिश खान, तनवीर फारूकी
भी उपस्थित रहे।