लुई ब्रेल डे की पूर्व संध्या पर दृष्टिबाधित बच्चों ने जिला स्तरीय
निबंध, वाद-विवाद प्रतियोगिता में भाग लिया।
साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों
का भी आयोजन किया गया। राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में नेशनल एसोसिएशन फॉर
द ब्लाइंड के तत्वावधान में कराए गए कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि
विकलांग कल्याण अनुभाग के डिप्टी डायरेक्टर एसके श्रीवास्तव ने किया।
‘आधुनिक युग में दृष्टिबाधितों के लिए ब्रेल लिपि की उपयोगिता’ विषयक
वाद-विवाद प्रतियोगिता में जूनियर वर्ग की आंचल सैनी को प्रथम और राम
बहादुर को द्वितीय पुरस्कार मिला।
सीनियर वर्ग की वाद-विवाद प्रतियोगिता का
विषय आरक्षण का देश के विकास पर प्रभाव था, जिसमें नंदन गुप्ता प्रथम और
पूनम दूसरे स्थान पर रहीं। निबंध में सर्वेश कुमार पाल ने प्रथम और
तुलसीराम ने दूसरा स्थान पाया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अंतर्गत उमेद
सिंह राणा ने ऐसी ‘लागी लगन, मीरा हो गई मगन...’ भजन सुनाकर समां बांधा तो
दृष्टिबाधित छात्र रिंकू यादव ने ‘खइके पान बनारस वाला...’ गीत पर नृत्य की
प्रस्तुति देकर सभी को मंत्रमुग्ध किया।
इनके अलावा संजय गुप्ता ने गजल,
आंचल ने भजन सुनाकर, जबकि रूपल ने नृत्य की प्रस्तुति से कार्यक्रम में चार
चांद लगाए। कार्यक्रम में संस्था के अध्यक्ष शैलेंद्र जैन, संरक्षक वीबी
प्रताप, उपाध्यक्ष एसके सिंह, कोषाध्यक्ष एके श्रीवास्तव, महासचिव डॉ. शशि
प्रभा गुप्ता, शिक्षिका स्मृति सिंह आदि उपस्थित रहे।