उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 29334 सहायक अध्यापकों की नियुक्ति के लिए चल रही काउंसलिंग में शामिल होने पर व्यवसायिक शिक्षा की डिग्री वाले अभ्यर्थियों के चयन पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है।
कहा है कि इन अभ्यर्थियों की काउंसलिंग जारी रखी जाए मगर चयन को अंतिम रूप अभी न दिया जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल ने सत्येंद्र कुमार सिंह और चार अन्य की याचिका पर दिया है।
याचीगण का कहना था कि सहायक अध्यापकों की भर्ती में तमाम ऐसे अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है जो जारी विज्ञापन और एनसीटीई की गाइड लाइन के अनुसार अर्हता नहीं रखते हैं। इनके पास बीटेक, बीसीए, बीबीए, बीएचएस जैसी व्यवसायिक डिग्रियां हैं।
बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा दाखिल जवाब में कहा गया कि निदेशक एससीआरटी, निदेशक बेसिक शिक्षा परिषद और सचिव बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा इस मामले में विचार के उपरांत पाया गया कि निर्धारित योग्यता एनसीटीई द्वारा जारी अधिसूचना के अनुरूप नहीं है।
हो गई चौथी काउंसलिंग
इस मामले में एक ड्राफ्ट तैयार करने के लिए कमेटी बनाई गई है। कोर्ट ने फिलहाल व्यवसायिक डिग्री धारकों के चयन को अंतिम रूप देने पर रोक लगा दी है।
गौरतलब है कि उच्च प्राइमरी स्कूलों में गणित-विज्ञान शिक्षकों के रिक्त पदों के लिए चौथी काउंसलिंग बृहस्पतिवार और शुक्रवार को हो गई। जिसमें पहले दिन विज्ञान व दूसरे दिन गणित शिक्षक पद की काउंसलिंग हुई।
जानकारों के मुताबिक करीब 10,800 शिक्षकों के पद खाली हैं। जिसके लिए 15,000 अभ्यर्थी बुलाए गए थे।
सचिव बेसिक शिक्षा परिषद संजय सिन्हा ने निर्देश दिए थे कि सीटीईटी में 82 अंक पाने वाले काउंसलिंग के लिए पात्र माने जाएंगे। उच्च प्राथमिक स्कूलों में गणित व विज्ञान शिक्षक के 29,334 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन लेते हुए जुलाई में काउंसलिंग शुरू की गई थी।
इस तरह हुई काउंसलिंग
बेसिक शिक्षा परिषद ने पहली बार उच्च प्राइमरी स्कूलों में गणित व विज्ञान के खाली 58,668 पदों में आधे पदों 29,334 पदों पर सीधी भर्ती का निर्णय करते हुए आवेदन मांगे थे।
इसके आधार पर अब तक चार चरणों की काउंसलिंग कराई जा चुकी है। पहले चरण की काउंसलिंग 7 व 8 जुलाई को कराई गई जिसमें मात्र 8500 अभ्यर्थियों ने काउंसलिंग कराई।
दूसरे चरण की काउंसलिंग 23 व 24 जुलाई को हुई जिसमें 9500 काउंसलिंग कराने पहुंचे। तीसरे चरण की काउंसलिंग में 10 गुना अभ्यर्थियों को बुलाते हुए 21 व 22 अगस्त को कराई गई। वहीं, चौथे चरण की काउंसलिंग में 15 गुना अभ्यर्थियों को बुलाया गया था।